Himachal: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कड़ा निर्देश किसी भी पात्र व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं रुकनी चाहिए – The Hill News

Himachal: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कड़ा निर्देश किसी भी पात्र व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं रुकनी चाहिए

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कड़े निर्देश जारी किए कि किसी भी पात्र व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं रोकी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी योग्य लाभार्थियों को उनकी पेंशन नियमित रूप से मिलती रहेगी। विभाग को आदेश दिए गए कि वे शेष बचे हुए पात्र पेंशनभोगियों की सभी औपचारिकताओं को जल्द पूरा करें ताकि कोई भी हकदार अपने अधिकारों से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 7,60,772 लाभार्थियों का ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा हो चुका है और बिना किसी अपवाद के सभी पात्र व्यक्तियों को इसके दायरे में लाया जाना चाहिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना’ की भी समीक्षा की। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य के 4,131 अनाथ बच्चे इस योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रहे हैं। राज्य सरकार ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 30.69 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन बच्चों के लिए नियमित अंतराल पर भ्रमण और मनोरंजक यात्राएं आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री ने उन जिलों से रिपोर्ट भी तलब की जिन्होंने अब तक बच्चों के लिए किसी भी तरह की यात्रा का आयोजन नहीं किया है।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य में जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है और प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसका हक मिलना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए ‘स्थानीय क्षेत्र विकास निधि’ (LADF) का 10 प्रतिशत हिस्सा उपयोग करने का प्रावधान किया है। इसके साथ ही, विधवाओं, निराश्रित या तलाकशुदा महिलाओं और दिव्यांग माता-पिता के बच्चों को आर्थिक और शैक्षिक सहायता प्रदान करने के लिए ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ शुरू की गई है। राज्य भर में इस योजना के 21,588 लाभार्थी हैं, जिनमें से 20,735 बच्चे 18 वर्ष से कम आयु के हैं। सरकार ने इस योजना के लिए 31.01 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भविष्य में भी इन सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त फंड जारी किए जाएंगे ताकि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया जा सके। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और आशीष सिंघमार, निदेशक सुमित किमटा, पंकज ललित सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार की यह प्राथमिकता है कि सामाजिक सुरक्षा और न्याय का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

 

Pls read:Himachal: हिमाचल प्रदेश में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री की मौजूदगी में दो बड़े समझौते

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *