Uttarakhand: उत्तराखंड में खेल विश्वविद्यालय और कॉरिडोर सहित कई बड़ी विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी – The Hill News

Uttarakhand: उत्तराखंड में खेल विश्वविद्यालय और कॉरिडोर सहित कई बड़ी विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित व्यय-वित्त समिति और सचिव समिति की महत्वपूर्ण बैठकों में राज्य के सर्वांगीण विकास से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी गई है। इन बैठकों में खेल, पर्यटन, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों की गति तेज होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं को प्राथमिकता देते हुए जनपद चंपावत के गोरलचौड़ मैदान में आधुनिक स्टेडियम के निर्माण और प्रसिद्ध गोलज्यू देवता कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि इस कॉरिडोर का निर्माण स्थानीय कुमाऊंनी संस्कृति और पारंपरिक स्थापत्य कला को ध्यान में रखकर किया जाए, ताकि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत की झलक मिल सके। इसके साथ ही हल्द्वानी के गोलापार में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय के प्रशासनिक व शैक्षणिक भवन और 100 बिस्तरों वाले छात्रावास के निर्माण हेतु 2679.37 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई है।

राजधानी देहरादून के विकास के लिए आमवाला तरला क्षेत्र में 1788.34 लाख रुपये की सीवरेज परियोजना को मंजूरी मिली है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के तहत सितारगंज केंद्रीय कारागार के विस्तारीकरण के लिए 3814.72 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई।

प्रशासनिक सुधारों और सुशासन पर चर्चा करते हुए आनंद बर्धन ने भराड़ीसैंण में आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने पर बल दिया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य है और कार्मिकों के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को सभी निदेशालयों में तेजी से लागू करने पर जोर दिया गया।

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ‘एडॉप्ट ए विलेज’ योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने धीमी प्रगति वाले जिलों को गंभीरता से कार्य करने को कहा। साथ ही, जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे प्रवासियों का डेटा तैयार कर उनके अनुभव और तकनीक का लाभ प्रदेश के विकास में लें। बैठक में राजस्व परिषद द्वारा ‘एग्री स्टैग’ योजना और टिहरी जिले द्वारा जीआईएस आधारित गवर्नेंस का प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसकी मुख्य सचिव ने सराहना की। ऊधम सिंह नगर जिले द्वारा जल संरक्षण और सतत कृषि के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी प्रेरणादायक बताया गया। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से सभी विकास कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। बैठक में अमित सिन्हा, दिलीप जावलकर, रणवीर सिंह चौहान और धीरज गब्र्याल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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