नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर राज्य की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण के तहत स्वीकृत परियोजनाओं और प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट केंद्रीय मंत्री के समक्ष प्रस्तुत की।
बैठक के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने शिमला जिले के अत्यंत दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र डोडरा क्वार की सड़क परियोजनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि पीएमजीएसवाई के पहले चरण में स्वीकृत डोडरा क्वार मार्ग का कुछ हिस्सा अभी तक अधूरा है। इसके लिए उन्होंने वहां की कठोर भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम भू-सतह और सीमित कार्य-अवधि को मुख्य कारण बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह मार्ग स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति और आपदा प्रबंधन के लिहाज से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है।
विक्रमादित्य सिंह ने डोडरा क्वार क्षेत्र के लंबित सड़क पैकेजों और पहले चरण के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए केंद्र से विशेष छूट की मांग की। उन्होंने अनुरोध किया कि इस चुनौतीपूर्ण क्षेत्र के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि स्थानीय आबादी को जल्द से जल्द ‘ऑल वेदर रोड’ यानी हर मौसम में सुचारू रहने वाली सड़क की सुविधा मिल सके।
हिमाचल प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई-IV के तहत राज्य के लिए लगभग 1,500 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनकी अनुमानित लागत करीब 2,300 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार ने इसी चरण के दूसरे हिस्से में 1,200 किलोमीटर की और सड़कों का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए जा रहे हैं और उम्मीद जताई गई है कि इन्हें जल्द ही स्वीकृति प्राप्त होगी।
इस अवसर पर विक्रमादित्य सिंह ने राज्य के जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और भूमि-स्वामियों से भी विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए लोग अधिक से अधिक संख्या में ‘गिफ्ट डीड’ (जमीन के दस्तावेज) उपलब्ध करवाकर विभाग का सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण के लिए समय पर भूमि उपलब्ध होना अनिवार्य है, ताकि राज्य की उन बस्तियों को भी सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा सके जो अब तक इससे वंचित हैं।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिमाचल की इन मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि डोडरा क्वार के लंबित कार्यों और आवश्यक वित्तीय स्वीकृतियों के मामले को वित्त मंत्रालय और संबंधित विभागों के साथ प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा।