चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार को मोगा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने के बाद उनकी तबीयत एक बार फिर अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में दोबारा भर्ती कराना पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री को सांस लेने में भारी कठिनाई महसूस हो रही थी। हैरान करने वाली बात यह है कि इसी दिन सुबह उन्हें इसी अस्पताल से छुट्टी मिली थी, लेकिन रैली की भागदौड़ और शारीरिक श्रम के बाद उन्हें फिर से आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी।
भगवंत मान ने अस्पताल से डिस्चार्ज होने के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक उत्साहजनक पोस्ट साझा की थी। उन्होंने अपने समर्थकों को जानकारी दी थी कि आम आदमी पार्टी मोगा के किल्ली चाहलां गांव में नशा-विरोधी अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ के तहत एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर रही है और वे वहां जनता से रूबरू होंगे। इस रैली में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब सरकार के कई दिग्गज मंत्री व नेता भी शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री ने रैली में भाषण भी दिया, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होते-होते उनकी शारीरिक स्थिति असहज हो गई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।
मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सिलसिला पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी है। इससे पहले रविवार को भी अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होने के बाद उन्हें मोहाली के इसी अस्पताल में सघन जांच के लिए भर्ती कराया गया था। रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवंत मान ने अरविंद केजरीवाल के साथ संगरूर के धूरी स्थित श्री रणकेश्वर महादेव शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। संगरूर से लौटने के बाद ही उनकी तबीयत नासाज हुई थी और डॉक्टरों ने उन्हें नियमित चिकित्सा परीक्षण व आराम के लिए भर्ती होने की सलाह दी थी।
फोर्टिस अस्पताल द्वारा पूर्व में जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, मुख्यमंत्री का विस्तृत नैदानिक मूल्यांकन किया गया था और उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक (वाइटल पैरामीटर्स) स्थिर व सामान्य पाए गए थे। डॉक्टरों का प्राथमिक निष्कर्ष था कि मुख्यमंत्री को केवल अत्यधिक कार्यभार और निरंतर यात्राओं के कारण थकान महसूस हो रही थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थी और मंगलवार सुबह ही उन्हें स्वस्थ मानकर डिस्चार्ज किया गया था। लेकिन मोगा रैली की व्यस्तता और वहां उमस भरे माहौल ने उनकी सांस की समस्या को बढ़ा दिया। फिलहाल, भगवंत मान डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें पूर्ण विश्राम की सलाह दी है। उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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