हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली) और श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित “मुख्य सेवक की चौपाल” कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने एक्शन मोड दिखाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं पर अब कोई भी फाइल लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल कार्यालयों में नहीं, बल्कि सीधे धरातल पर काम करेगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों और ग्राम प्रधानों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। कई मामलों में तो उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण किया जाए और किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर करना अब स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचेगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं को जनता का ‘मुख्य सेवक’ बताते हुए कहा कि लोगों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार “अपराध मुक्त उत्तराखंड” और “भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। रोजगार के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने अब तक रिकॉर्ड 28,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। इसके साथ ही, किसानों की आय बढ़ाने और उनके सशक्तिकरण के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में लागू हुए समान नागरिक संहिता (UCC) को एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम बताया, जो सामाजिक समरसता और न्याय की भावना को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” केवल नारा नहीं, बल्कि सरकार की कार्यशैली का आधार है। हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार किए गए हैं। मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा के लिए भी सरकार कई विशेष योजनाएं संचालित कर रही है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेशवासियों से अपील की कि वे विकास की इस यात्रा में सहभागी बनें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के समन्वय से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का “विकल्प रहित संकल्प” अवश्य पूरा होगा। चौपाल में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों के उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि मुख्यमंत्री की इस सीधी संवाद की पहल को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है।