नई दिल्ली। लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए संसदीय मर्यादाओं के उल्लंघन की बात कही है। रिजिजू का दावा है कि कांग्रेस के लगभग 20-25 सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चेंबर में जबरन घुस गए और उनके साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि गाली-गलौज भी की। रिजिजू ने बताया कि वह स्वयं उस समय वहां मौजूद थे और इस पूरी घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं।
रिजिजू ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस समय सांसद चेंबर के भीतर हंगामा कर रहे थे, वहां प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी उपस्थित थे। रिजिजू का आरोप है कि ये नेता सांसदों को अनुशासित करने या रोकने के बजाय उन्हें स्पीकर के साथ लड़ने और विवाद करने के लिए उकसा रहे थे। उन्होंने कहा कि ओम बिरला एक बेहद सरल और नरम स्वभाव के व्यक्ति हैं, इसलिए उन्होंने अब तक इस मामले में कोई कठोर कदम नहीं उठाया, अन्यथा इस तरह की अनुशासनहीनता पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए थी।
संसदीय कार्य मंत्री के अनुसार, इस अप्रत्याशित घटना से स्पीकर ओम बिरला काफी आहत और दुखी हैं। रिजिजू ने बताया कि उन्होंने स्वयं स्पीकर से मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा की है और वह इस पूरे घटनाक्रम से मानसिक रूप से परेशान दिखे। विवाद की मुख्य जड़ सदन में बोलने की अनुमति को लेकर उपजी थी। रिजिजू का कहना है कि स्पीकर ने एक व्यवस्था (रूलिंग) दी थी, जिसका पालन विपक्षी सांसदों द्वारा नहीं किया गया, जो सदन के नियमों के पूरी तरह विरुद्ध है।
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के रुख पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने सदन के नियमों की अवहेलना करते हुए यह कहा कि उन्हें बोलने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है और वे अपनी मर्जी से जैसा चाहेंगे वैसा बोलेंगे। रिजिजू ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि संसदीय प्रणाली में जब तक आसन (चेयर) से अनुमति नहीं मिलती, कोई भी सदस्य सदन में नहीं बोल सकता। उन्होंने याद दिलाया कि यहां तक कि देश के प्रधानमंत्री भी सदन की परंपराओं का पालन करते हुए चेयर की अनुमति से ही अपनी बात रखते हैं।
मंत्री ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संसदीय प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिना नियमों के सदन की कार्यवाही का संचालन संभव नहीं है। यह पूरा मामला ऐसे समय में गरमाया है जब लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की खबरें चर्चा में हैं। किरेन रिजिजू के इन सनसनीखेज आरोपों ने देश के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है और आने वाले समय में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच टकराव और तीखा होने की संभावना है।
Pls reaD:Delhi: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर लोकसभा में बरसे अखिलेश यादव, डील को बताया ढील