लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का अंतिम और अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में नौ लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट प्रस्तुत किया। सरकार का यह 10वां बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास और हर वर्ग के कल्याण पर केंद्रित रहा। इस बजट के माध्यम से सरकार ने न केवल आर्थिक विकास का खाका खींचा है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि में बड़ी वृद्धि है। सरकार ने अब राज्य में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए दी जाने वाली राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे एक लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, छात्राओं को आधुनिक तकनीक और परिवहन से जोड़ने के लिए 400 करोड़ रुपये की लागत से स्कूटी वितरित करने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के दायरे को विस्तार देते हुए तीन नए विश्वविद्यालय खोलने का भी प्रस्ताव इस बजट में रखा गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को नया आयाम देने के लिए सरकार ने राज्य में 14 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश आज कृषि उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी एक ‘लीडर’ राज्य के रूप में उभर रहा है। आर्थिक प्रगति का ब्यौरा देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 30.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे हर वर्ग का ध्यान रखने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि बजट में किसान, युवा, महिलाओं और वंचितों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में रेखांकित किया कि पिछले वर्षों में प्रदेश के हर क्षेत्र में संतुलित विकास हुआ है और यह बजट उस विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करेगा। 11 बजे शुरू हुए इस बजट भाषण के दौरान सरकार ने उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने का संकल्प दोहराया। यह बजट योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा के संकल्प को मजबूती से रखा गया है।