देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनहित और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े छह प्रमुख फैसलों पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई। इन निर्णयों में नार्कोटिक्स टास्क फोर्स का गठन, वन विभाग के श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार जैसे बिंदु शामिल रहे। सरकार के इन फैसलों से प्रदेश के विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ पहुँचने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 में गठित एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के लिए राज्य स्तर पर 22 नए पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस टास्क फोर्स के सक्रिय होने से ड्रग माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई में तेजी आएगी। इसके साथ ही, कारागार एक्ट में भी महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। अब बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों (हैबिटुअल ऑफेंडर) के लिए केंद्र सरकार की परिभाषा को ही राज्य में भी अंगीकार (एडॉप्ट) किया गया है, जिससे ऐसे अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कसना आसान होगा।
श्रमिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। विभाग में कार्यरत कुल 893 दैनिक श्रमिकों में से 314 को पहले से ही न्यूनतम वेतनमान मिल रहा था। कैबिनेट ने अब शेष बचे 579 श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान यानी 18 हजार रुपये प्रतिमाह देने की मंजूरी दे दी है। वहीं, श्रम विभाग से जुड़े एक अन्य निर्णय में कोविड काल के दौरान ‘पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट’ में किए गए संशोधनों को वापस ले लिया गया है और केंद्र को भेजा गया प्रस्ताव भी निरस्त कर दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली 2006’ में संशोधन को हरी झंडी दी गई है। इसके माध्यम से ईएसआई डॉक्टरों की भर्ती की राह आसान होगी। इस संशोधन के बाद कुल 94 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी और डॉक्टरों को समय पर पदोन्नति के अवसर भी प्राप्त होंगे। इससे राज्य के ईएसआई अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी दूर होगी और कर्मचारियों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। प्रदेश में वर्तमान में संचालित ‘मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना’ को जारी रखने की स्वीकृति दी गई है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना’ वर्ष 2025-26 तक लागू है, ऐसे में राज्य सरकार ने अपनी इस योजना को भी निरंतर चलाने का फैसला किया है ताकि छोटे खाद्य उद्यमियों को सहायता मिलती रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लिए गए ये निर्णय राज्य के चहुंमुखी विकास और समाज के विभिन्न वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कदम माने जा रहे हैं।
Pls reaD:Uttarakhand: कालसी के पास गहरी खाई में गिरी यूटिलिटी तीन लोगों की दर्दनाक मौत