Uttarakhand: केंद्रीय बजट 2026-27 एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक हरदीप सिंह पुरी – The Hill News

Uttarakhand: केंद्रीय बजट 2026-27 एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक हरदीप सिंह पुरी

देहरादून। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज देहरादून में केंद्रीय बजट 2026-27 के संदर्भ में मीडिया के साथ विस्तृत बातचीत की। उन्होंने इस बजट को एक ऐसे राष्ट्र के आत्मविश्वास और परिपक्वता का प्रतिबिंब बताया, जिसकी अर्थव्यवस्था ने 2014 के बाद से एक मौलिक परिवर्तन देखा है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के बीच एक सटीक संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत की यात्रा ‘फ्रेजाइल फाइव’ (पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं) से शुरू होकर अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने तक पहुँच गई है, जो आज वैश्विक विकास की सबसे भरोसेमंद कहानियों में से एक है।

केंद्रीय मंत्री ने बजट को भविष्योन्मुखी और एकीकरण पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि यह पिछले दशक में रखी गई मजबूत नींव पर टिका है और भारत को वैश्विक नेतृत्व के अगले चरण के लिए तैयार कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो मुख्य रूप से उपभोग और निवेश द्वारा संचालित है। यह भारत को लगातार चौथे वर्ष सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करता है, जबकि इसके विपरीत वैश्विक विकास दर 3 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है।

मूल्य स्थिरता और महंगाई के मोर्चे पर बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने 2014 के बाद से आए सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत ने 2025 में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच हेडलाइन मुद्रास्फीति (महंगाई दर) में सबसे तेज गिरावट दर्ज की है, जो लगभग 1.8 प्रतिशत रही। अप्रैल और दिसंबर 2025 के बीच महंगाई दर औसतन 1.7 प्रतिशत के आसपास रही, जिसका मुख्य कारण सब्जियों और दालों जैसी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आई कमी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में महंगाई का स्तर कई विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी कम है।

2014 के बाद से पूंजी आधारित विकास की ओर एक निर्णायक बदलाव का जिक्र करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि 2026-27 के लिए कुल पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) लगभग 12.2 लाख करोड़ रुपये है। यह 2013-14 के मुकाबले 430 प्रतिशत से अधिक की भारी वृद्धि को दर्शाता है। इस अवधि के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए आवंटन में लगभग 500 प्रतिशत, रक्षा क्षेत्र में 210 प्रतिशत से अधिक, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण में करीब 176 प्रतिशत और शिक्षा में 110 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे पर खर्च विकास का एक प्रमुख इंजन बन गया है, जहाँ राष्ट्रीय राजमार्ग विकास पर खर्च किया गया प्रत्येक रुपया जीडीपी में 3.2 रुपये का योगदान देता है।

रक्षा और रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करने पर मंत्री ने कहा कि 2014 से निरंतर निवेश ने आयात पर निर्भरता कम करने में मदद की है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप स्वदेशी रक्षा विनिर्माण में तेजी आई है। उन्होंने मानव पूंजी विकास को भी भारत की विकास यात्रा का केंद्र बताया। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि 2014 से अब तक आईआईटी (IIT) की संख्या 16 से बढ़कर 23, आईआईएम (IIM) की संख्या 13 से बढ़कर 21, एम्स (AIIMS) की संख्या 7 से बढ़कर 23 और मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई है। यहाँ तक कि भारत ने जंजीबार और अबू धाबी में अंतरराष्ट्रीय आईआईटी परिसर भी स्थापित किए हैं, जो भारत के शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र की वैश्विक मान्यता का प्रतीक है।

इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 2014 के बाद से कनेक्टिविटी ने आम जीवन को बदल दिया है। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 2014 में 91,000 किलोमीटर से बढ़कर 2026 में लगभग 1.46 लाख किलोमीटर हो गई है। इसी तरह, मेट्रो नेटवर्क 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,000 किलोमीटर से अधिक हो गया है और हवाई अड्डों की संख्या 70 से बढ़कर लगभग 160 हो गई है। पिछले पांच वर्षों में 57,000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है, जिससे सालाना लगभग 33 करोड़ मानव-दिवस रोजगार पैदा हुए हैं। उन्होंने बताया कि आज 164 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं और स्वदेशी तकनीक सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को शक्ति प्रदान करेगी।

एमएसएमई (MSME) और स्वच्छ विकास पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि यह बजट प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता को एक साथ लाता है। 10,000 करोड़ रुपये की बायो-फार्मा शक्ति पहल, 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड और 2,000 करोड़ रुपये का ‘आत्मनिर्भर भारत फंड’ नवाचार और उद्यम को नई ताकत देंगे। स्वच्छ विकास के लिए 20,000 करोड़ रुपये के सीसीयूएस मिशन और लिथियम-आयन बैटरी उपकरण, महत्वपूर्ण खनिजों व परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 2035 तक शुल्क छूट दी गई है।

निष्कर्ष के तौर पर हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 भारत के पिछले एक दशक के परिवर्तन को स्वीकार करता है और निरंतर, समावेशी व नवाचार संचालित विकास की नींव मजबूत करने पर केंद्रित है। उन्होंने इसे एक ‘राष्ट्र निर्माण’ वाला बजट बताया जो भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाता है। देहरादून में आयोजित इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से केंद्र सरकार ने देश की आर्थिक स्थिरता और भविष्य की योजनाओं का एक सशक्त रोडमैप प्रस्तुत किया।

 

Pls read:Uttarakhand: बापूग्राम वन भूमि विवाद प्रभावित परिवारों के पक्ष में उतरे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *