Punjab: अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चार संदिग्ध ड्रोन दिखने से मचा हड़कंप – The Hill News

Punjab: अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चार संदिग्ध ड्रोन दिखने से मचा हड़कंप

अमृतसर। पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वीरवार की रात एक बेहद गंभीर सुरक्षा चूक और संदिग्ध गतिविधि का मामला सामने आया है। हवाई अड्डे के प्रतिबंधित एयरस्पेस में एक के बाद एक चार संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। सुरक्षा की दृष्टि से यह स्थिति इतनी संवेदनशील थी कि अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से हवाई अड्डे के एयरस्पेस को करीब एक घंटे तक के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा। इस आपातकालीन कदम के कारण अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं और विदेशों से आ रहे दो बड़े यात्री विमानों को ऐन वक्त पर दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा।

घटनाक्रम की शुरुआत वीरवार रात लगभग 8 बजकर 40 मिनट पर हुई। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की रडार और निगरानी टीम ने हवाई अड्डे के उत्तरी क्षेत्र में कुछ अज्ञात उड़ती हुई वस्तुओं की हरकत को नोटिस किया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ये वस्तुएं संदिग्ध ड्रोन थे। एटीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ये ड्रोन काफी धीमी गति से उत्तरी दिशा से दक्षिणी दिशा की ओर बढ़ रहे थे। डरावनी बात यह थी कि ये ड्रोन केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सीधे एयरपोर्ट के रनवे और मुख्य परिसर के ऊपर मंडराने लगे।

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, उस रात कुल चार ड्रोन अलग-अलग समय अंतराल पर दिखाई दिए। ये ड्रोन तकनीक के मामले में काफी उन्नत प्रतीत हो रहे थे क्योंकि ये बीच-बीच में अचानक ओझल हो जाते और फिर कुछ देर बाद दूसरी जगह दिखाई देने लगते। ड्रोन की इस संदिग्ध आवाजाही ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए, क्योंकि हवाई अड्डे के पास ही भारतीय वायुसेना का भी संवेदनशील क्षेत्र स्थित है। ड्रोन का वायुसेना क्षेत्र की दिशा में जाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

जैसे ही ड्रोन की गतिविधि की पुष्टि हुई, एटीसी ने किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए अमृतसर के हवाई क्षेत्र को तुरंत बंद कर दिया। इस निर्णय का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा। शारजाह से अमृतसर आ रही एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान उस समय लैंडिंग की तैयारी में थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे आसमान में ही करीब 15 मिनट तक होल्ड पर रखा गया। जब स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो पायलट को विमान को चंडीगढ़ डायवर्ट करने का निर्देश दिया गया। इसी तरह, कुआलालंपुर से आ रहे एक अन्य अंतरराष्ट्रीय विमान को भी अमृतसर में उतरने की अनुमति नहीं मिली और उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। इन उड़ानों में सवार सैकड़ों यात्री इस अचानक हुए बदलाव और सुरक्षा कारणों से काफी देर तक डरे और सहमे रहे।

इस गंभीर घटना की सूचना मिलते ही देश की तमाम बड़ी सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), एयरपोर्ट इंटेलिजेंस यूनिट और पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पूरी रात एयरपोर्ट परिसर और उसके आसपास के गांवों व खेतों में सघन तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य ध्यान इस बात पर था कि क्या ये ड्रोन सीमा पार से आए थे या इन्हें स्थानीय स्तर पर किसी के द्वारा संचालित किया जा रहा था। विशेष रूप से ड्रोन के एयरफोर्स एरिया की ओर जाने वाले इनपुट ने जांच को और अधिक गहरा कर दिया है।

हवाई अड्डे के निदेशक भूपेंद्र सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ड्रोन की संदिग्ध मूवमेंट लगभग एक घंटे तक बनी रही। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता था, इसलिए एयरस्पेस को बंद करना और उड़ानों को डायवर्ट करना एक अनिवार्य प्रक्रिया थी। भूपेंद्र सिंह के अनुसार, वर्तमान में पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को अब पहले से अधिक कड़ा कर दिया गया है।

यह पहली बार नहीं है जब अमृतसर एयरपोर्ट पर इस तरह की ड्रोन गतिविधि देखी गई है। इससे पहले पिछले साल अगस्त के महीने में भी ठीक इसी तरह की घटना हुई थी। उस समय सुरक्षा कारणों से उड़ानों का संचालन लगभग पौने तीन घंटे तक ठप रहा था। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ठीक ऊपर चार ड्रोन का एक साथ मंडराना सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी सेंध की ओर इशारा करता है।

पंजाब पुलिस और सुरक्षा बल अब तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ले रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन ड्रोनों की फ्रीक्वेंसी और कंट्रोलिंग यूनिट कहां स्थित थी। अमृतसर हवाई अड्डा पाकिस्तान सीमा के काफी करीब स्थित है, इसलिए सामरिक दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के ग्रामीणों से भी अपील की है कि यदि वे रात के समय किसी भी प्रकार की संदिग्ध रोशनी या उड़ती हुई वस्तु देखते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस घटना ने एक बार फिर आधुनिक ड्रोन तकनीक से निपटने के लिए एयरपोर्ट्स पर ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ की आवश्यकता को मजबूती से रेखांकित किया है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच अभी जारी है और वे हर उस संभावित कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं जो इस संदिग्ध मूवमेंट के पीछे हो सकती है। फिलहाल, उड़ानों का संचालन बहाल कर दिया गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।

 

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