बनबसा (चम्पावत)। उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ी पहल की है। शनिवार को बनबसा स्थित एनएचपीसी सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आगामी ‘सरस कॉर्बेट महोत्सव’ के आधिकारिक टीज़र को विधिवत लॉन्च किया। यह भव्य सात दिवसीय महोत्सव 18 से 24 फरवरी तक चम्पावत जनपद में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस दूरदर्शी परिकल्पना का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन को एक सशक्त और आकर्षक ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टीज़र लॉन्च के दौरान अपने संबोधन में कहा कि यह महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह चम्पावत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, अटूट धार्मिक आस्था, अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस आयोजन के माध्यम से देवभूमि के सांस्कृतिक रंग, समृद्ध लोक परंपराएं और प्रकृति की अनुपम छटा देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुँचेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
महोत्सव की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए बताया गया कि सात दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कुमाऊँ की लोकसंस्कृति की एक जीवंत और मंत्रमुग्ध कर देने वाली झलक देखने को मिलेगी। बांसुरी, मस्कबीन और हुड़का की पारंपरिक धुनों के बीच झोड़ा, छपेली और चांचरी जैसे प्रसिद्ध लोकनृत्य सांस्कृतिक संध्याओं की रौनक बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, चम्पावत जनपद के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र जैसे बालेश्वर मंदिर, माँ पूर्णागिरि मंदिर और न्याय के देवता गोल्ज्यू का मंदिर भी इस महोत्सव का अभिन्न अंग होंगे, जो आने वाले पर्यटकों को उत्तराखंड की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित कराएंगे।
इस सात दिवसीय आयोजन का एक अन्य प्रमुख आकर्षण ‘सरस मेला’ होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मेले में ग्रामीण क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय शिल्पकारों और लघु उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक बड़ा मंच मिलेगा। इससे ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को मजबूती मिलेगी। महोत्सव के दौरान आयोजित ‘फूड फेस्टिवल’ में आगंतुक उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के स्वाद का आनंद ले सकेंगे। साथ ही, देश के अन्य हिस्सों के प्रसिद्ध पकवान भी यहाँ उपलब्ध होंगे, जिससे यह एक विविध जायके वाला उत्सव बन जाएगा।
पर्यटन और रोमांच के शौकीनों के लिए यह कॉर्बेट महोत्सव विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। पंचेश्वर क्षेत्र में मछली पकड़ने (एंगलिंग) की गतिविधियों से लेकर शारदा नदी की लहरों में राफ्टिंग का रोमांच पर्यटकों को लुभाएगा। इसके अतिरिक्त, आकाश में पैराग्लाइडिंग, ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर माउंटेन बाइकिंग, हॉट एयर बैलून और नाइट लेजर शो जैसे आयोजन इस महोत्सव की भव्यता में चार चाँद लगाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महोत्सव की तैयारियां इस स्तर की हों कि आने वाले पर्यटक यहां से एक यादगार अनुभव लेकर लौटें।
टीज़र लॉन्च के अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों और पर्यटकों को इस महोत्सव का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल पर्यटन बढ़ता है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए द्वार भी खुलते हैं। चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव अब केवल एक जिला स्तरीय आयोजन न रहकर उत्तराखंड के पर्यटन कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है। 18 फरवरी से शुरू होने वाला यह महोत्सव देवभूमि की परंपरा, प्रगति और प्रकृति के संगम का प्रतीक होगा।