नई दिल्ली, 31 जनवरी।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे युद्ध के बीच क्रेमलिन ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को मास्को आने का निमंत्रण दिया है। रूसी प्रशासन ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वे शांति वार्ता के लिए जेलेंस्की की मेजबानी करने को तैयार हैं। क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने इस निमंत्रण को दोहराते हुए एक बड़ी घोषणा की कि यदि वोलोदिमीर जेलेंस्की शांति चर्चा के लिए रूसी राजधानी मास्को का दौरा करते हैं, तो उन्हें पूरी सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी।
रूस की ओर से दिए गए इस बड़े प्रस्ताव पर अब तक यूक्रेन की राजधानी कीव से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मास्को का यह बयान उस समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल के बावजूद हाल ही में युद्ध में मारे गए सैनिकों के पार्थिव शरीरों का आदान-प्रदान किया गया है। मानवीय आधार पर उठाए गए इस कदम के बाद शांति की उम्मीदें जगी थीं, लेकिन क्रेमलिन ने उन अटकलों पर चुप्पी साध ली है जिनमें कहा जा रहा था कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले बंद करने को लेकर किसी गुप्त समझौते पर पहुंच गए हैं।
कूटनीतिक स्तर पर चल रही इन हलचलों के बीच रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत का एक नया दौर रविवार को अबू धाबी में आयोजित होने वाला है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बैठक को युद्ध विराम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देख रहा है। हालांकि, रूस के भीतर ही कुछ प्रभावशाली नेता इस शांति प्रस्ताव के पक्ष में नजर नहीं आ रहे हैं। चेचन्या के क्रेमलिन समर्थित नेता रमजान कादिरोव ने शांति प्रयासों के बजाय युद्ध को और अधिक आक्रामक बनाने का आह्वान किया है। कादिरोव की यह टिप्पणी रूसी सेना के भीतर मौजूद उन कट्टरपंथियों की सोच को दर्शाती है जो यह मानते हैं कि रूस इस युद्ध में जीत के बेहद करीब है और उसे समझौता करने की आवश्यकता नहीं है।
युद्ध के मैदान से मिल रही खबरों के अनुसार, रूसी सेना ने जमीनी स्तर पर अपनी बढ़त जारी रखी है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उनके सैनिकों ने यूक्रेन के सूमी क्षेत्र में स्थित बिला बेरेजा गांव को अपने कब्जे में ले लिया है। इस क्षेत्र पर कब्जा रूसी सेना के लिए सामरिक रूप से फायदेमंद माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी जापोरिजिया क्षेत्र में हुए रूसी ड्रोन हमलों ने एक बार फिर मानवीय संकट पैदा कर दिया है। इन हमलों में तीन आम नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में रूस द्वारा जेलेंस्की को दिया गया यह सीधा निमंत्रण काफी मायने रखता है। एक तरफ जहां मास्को सुरक्षा की गारंटी के साथ बातचीत की मेज पर आने का प्रस्ताव दे रहा है, वहीं दूसरी ओर सीमावर्ती इलाकों में भीषण गोलाबारी और ड्रोन हमले भी जारी हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वे मास्को के इस निमंत्रण को स्वीकार कर शांति वार्ता की दिशा में आगे बढ़ते हैं या युद्ध का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहता है। दोनों देशों के बीच उपजी यह जटिल स्थिति कूटनीति और सैन्य शक्ति के बीच एक कड़े संघर्ष को प्रदर्शित कर रही है।