देहरादून। उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने और राजमार्गों के जाल को सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक विस्तारित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज उनके सरकारी आवास पर भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री अजय टम्टा ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान प्रदेश के बुनियादी ढांचे से जुड़े विभिन्न संवेदनशील और रणनीतिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियों के अनुरूप परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करना और लंबित परियोजनाओं को गति प्रदान करना रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा के बीच हुई इस वार्ता में उत्तराखंड में चल रहे राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रदेश के विकास के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सड़क नेटवर्क अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अजय टम्टा के साथ साझा किया कि राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से सड़क और परिवहन अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जिसकी आर्थिकी काफी हद तक पर्यटन और तीर्थाटन पर टिकी है, ऐसे में सड़कों की गुणवत्ता सीधे तौर पर राज्य की प्रगति को प्रभावित करती है।
पुष्कर सिंह धामी ने सड़क परियोजनाओं के सामरिक महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी केवल यात्रा को सुगम नहीं बनाती, बल्कि यह चारधाम यात्रा पर आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के अनुभव को भी सुखद बनाती है। इसके अलावा, उत्तराखंड की सीमाएं अंतरराष्ट्रीय देशों से जुड़ी हुई हैं, जिसके कारण सीमावर्ती क्षेत्रों तक सड़कों की निर्बाध पहुंच राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को और अधिक बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित नई परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।
सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर भी बैठक में गहन विमर्श हुआ। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक सुरक्षा मानकों और तकनीकी नवाचारों को अपनाने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम रास्तों पर यात्रा को सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए ब्लैक स्पॉट्स के सुधार तथा अन्य सुरक्षा उपायों पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से उत्तराखंड के दुर्गम गांवों तक पहुंच अब आसान और सुरक्षित हो जाएगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने उत्तराखंड के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय हर संभव सहयोग दे रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि मंत्रालय उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और संवेदनशीलता को पूरी तरह समझता है। इसी कारण प्रदेश की सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। अजय टम्टा ने कहा कि चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
भेंट के दौरान प्रस्तावित नए कॉरिडोर और पुराने राजमार्गों के चौड़ीकरण की प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया गया। अजय टम्टा ने आश्वासन दिया कि उत्तराखंड के विकास में धन और संसाधनों की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के बीच का यह मजबूत समन्वय ‘विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार करने में निर्णायक सिद्ध होगा। यह मुलाकात राज्य की भविष्य की परिवहन नीति और बुनियादी ढांचे के कायाकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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