मनाली। हिमाचल प्रदेश के मनाली में भारी हिमपात ने जहाँ वादियों को चांदी जैसी सफेद चादर से ढक दिया है, वहीं यह बर्फबारी सैलानियों के लिए बड़ी आफत बनकर सामने आई है। बर्फ का आनंद लेने की चाहत में मैदानी इलाकों से उमड़े पर्यटकों के हुजूम के कारण शनिवार की सुबह पतलीकूहल से मनाली तक लगभग 16 किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। मनाली में दो फीट से अधिक बर्फ गिर चुकी है, जिसने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। हिमपात की खबर मिलते ही पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों से पर्यटकों ने पहाड़ों का रुख किया, लेकिन भारी भीड़ और फिसलन भरी सड़कों ने उनकी राह रोक दी।
हालात इतने खराब हो गए हैं कि शुक्रवार से मनाली की ओर बढ़ रहे सैकड़ों पर्यटक अभी भी रास्तों में ही फंसे हुए हैं। इस बार एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है—सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं लेकिन मनाली के होटल अब भी खाली पड़े हैं। वर्तमान में होटलों में केवल 55 से 60 प्रतिशत आक्यूपेंसी ही दर्ज की गई है, क्योंकि बड़ी संख्या में पर्यटक होटलों तक पहुँच ही नहीं पा रहे हैं। भारी बर्फबारी के कारण शुक्रवार को न तो कोई वाहन मनाली से बाहर जा सका और न ही कोई नया वाहन शहर के भीतर प्रवेश कर पाया।
जाम की सबसे भीषण स्थिति पतलीकूहल से मनाली के बीच चढ़ाई वाले क्षेत्रों में देखी गई। पुलिस स्टेशन से लेकर वोल्वो स्टैंड, रांगड़ी, तिब्बतन स्कूल, आलू ग्राउंड और 17 मील जैसे इलाकों में वाहन चालकों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। जमा हुई बर्फ के कारण सड़कें शीशे की तरह चिकनी हो गई हैं, जिससे गाड़ियां अनियंत्रित होकर आपस में टकरा रही हैं। इन छोटी-बड़ी टक्करों के कारण कई वाहनों को भारी नुकसान भी पहुँचा है और सड़कों पर अवरोध बढ़ता जा रहा है।
पर्यटकों की इस मुसीबत के बीच स्थानीय प्रशासन रातभर राहत कार्यों में जुटा रहा। प्रशासन की टीमों ने शून्य से नीचे के तापमान में उन पर्यटकों तक पहुँचने की कोशिश की जो अपनी गाड़ियों में फंसे हुए थे। रातभर चले इस अभियान के दौरान फंसे हुए लोगों को भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सामग्री मुहैया कराई गई। एसडीएम मनाली रमण कुमार शर्मा स्वयं देर रात तक सड़कों पर मौजूद रहे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जेसीबी और अन्य मशीनें लगातार सड़क बहाली के काम में लगी रहीं, लेकिन रुक-रुक कर हो रहे हिमपात के कारण सफाई का कार्य बार-बार बाधित होता रहा।
शनिवार की सुबह जैसे ही रोशनी हुई, प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों में और तेजी ला दी है। एसडीएम रमण कुमार शर्मा के अनुसार, नेशनल हाईवे और वाम तट मार्ग से बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। मनाली शहर की आंतरिक सड़कों को काफी हद तक साफ कर लिया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि दोपहर तक मुख्य मार्गों को सुचारू कर दिया जाएगा जिससे पर्यटक अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुँच सकेंगे।
मौजूदा गंभीर स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने पर्यटकों के लिए एक सख्त एडवायजरी भी जारी की है। उन्होंने होटलों में ठहरे हुए सैलानियों से आग्रह किया है कि जब तक सड़कों से पूरी तरह बर्फ साफ नहीं हो जाती, वे होटलों से बाहर न निकलें। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि बर्फ के ऊपर गाड़ी चलाने का जोखिम न उठाएं क्योंकि इससे जान-माल का खतरा हो सकता है। प्रशासन ने सलाह दी है कि यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो केवल अनुभवी स्थानीय ड्राइवरों के साथ ‘फोर बाई फोर’ (4×4) वाहनों का ही उपयोग करें। फिलहाल मनाली की खूबसूरती और सफेद बर्फ के बीच पर्यटकों का धैर्य और प्रशासन की मुस्तैदी दोनों ही परीक्षा के दौर से गुजर रहे हैं।