चंडीगढ़। नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने के बाद अब भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य को गैंगस्टर मुक्त बनाने के लिए निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। सरकार ने ‘गैंगस्टरा ते वार’ (गैंगस्टरों पर वार) नाम से एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसके तहत पूरे प्रदेश में अपराधियों के सुरक्षित ठिकानों और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मंगलवार को इस अभियान की आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि राज्यभर में गैंगस्टरों के खिलाफ बड़े स्तर पर धरपकड़ शुरू हो चुकी है।
इस निर्णायक जंग की शुरुआत 72 घंटे के विशेष ‘ऑपरेशन प्रहार’ के साथ की गई है। इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए पंजाब पुलिस की 2,000 से अधिक टीमें गठित की गई हैं, जिनमें 12,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हैं। ये टीमें उन 60 बड़े गैंगस्टरों के सहयोगियों और ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं, जो वर्तमान में विदेशों में बैठकर पंजाब में अपनी आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। पुलिस ने इन अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह से मैप कर लिया है और अब उनके वित्तीय स्रोतों, हथियारों की सप्लाई चेन और सुरक्षित पनाहगाहों पर प्रहार किया जा रहा है।
पंजाब पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान के मार्गदर्शन में पुलिस अपराधियों के पूरे ईकोसिस्टम को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे खुद को वहां सुरक्षित न समझें, क्योंकि जल्द ही उन्हें कानूनी प्रक्रिया के जरिए भारत वापस लाया जाएगा।
विदेशों में छिपे अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पंजाब पुलिस ने एक विशेष इकाई ‘ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल’ (OFTEC) की स्थापना की है। इसकी कमान डीआईजी काउंटर इंटेलिजेंस आशीष चौधरी को सौंपी गई है। डीजीपी ने जानकारी दी कि चिन्हित किए गए 60 विदेशी गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या प्रक्रिया में हैं। शेष 37 अपराधियों के खिलाफ अगले तीन महीनों के भीतर रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
महानिदेशक ने राज्य के युवाओं से भी एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि जो युवा किसी कारणवश भटक गए हैं और अपराध की दुनिया में कदम रख चुके हैं, वे मुख्यधारा में वापस लौट आएं। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि वे विदेशों में बैठे उन गैंगस्टरों के झांसे में न आएं जो थोड़े से पैसों का लालच देकर उनसे जघन्य अपराध करवाते हैं। यादव ने साफ कहा कि अपराध का अंत कभी सुखद नहीं होता और जो लोग सुधरने को तैयार नहीं होंगे, उन्हें पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ेगा।
जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 भी जारी किया है। इस नंबर पर नागरिक किसी भी वांछित अपराधी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी गुप्त रूप से दे सकते हैं। गैंगस्टरों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। सरकार ने इनाम नीति के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस नीति के तहत जिला स्तर पर एसएसपी 1 लाख रुपये तक, सीपी और डीआईजी 1.5 लाख रुपये तक और विंग प्रमुख 2 लाख रुपये तक का इनाम दे सकेंगे, जबकि इससे अधिक की राशि डीजीपी द्वारा स्वीकृत की जाएगी। यह पुरस्कार न केवल आम जनता को बल्कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को भी दिया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला, एडीजीपी प्रमोद बान और आईजीपी सुखचैन सिंह गिल भी उपस्थित रहे।