हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में बुधवार को एक भीषण बम धमाके ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। यह दर्दनाक हादसा सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हबीबीनगर इलाके में घटित हुआ। जमीन के भीतर दबाकर रखे गए एक शक्तिशाली बम में हुए अचानक विस्फोट के कारण मौके पर ही तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है और स्थानीय निवासियों में भारी डर व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हबीबीनगर में कुछ लोग झाड़ियों की सफाई के काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान जमीन की खुदाई और सफाई करते समय वहां पहले से दबाकर रखा गया एक बम अचानक फट गया। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सफाई के दौरान मजदूरों का फावड़ा या कोई अन्य लोहे का औजार जमीन के भीतर दबे बम से टकरा गया था, जिसकी रगड़ से यह जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज काफी दूर तक सुनी गई और आसपास की जमीन भी हिल गई।
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मोहम्मद यूनुस के पुत्र सद्दाम और नन्ही परवीन के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। धमाके के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस की टीम भारी बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले घायल व्यक्ति को मलबे से निकालकर उपचार के लिए हजारीबाग के सदर अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल व्यक्ति की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है और उसे सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे हबीबीनगर इलाके की घेराबंदी कर दी है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की हर कोण से जांच कर रहे हैं। घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी आमंत्रित किया गया है। फॉरेंसिक टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि यह बम किस श्रेणी का था और इसकी तीव्रता कितनी थी।
हबीबीनगर का यह इलाका पहले भी इस तरह की खतरनाक घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2016 में रामनवमी के दौरान जब जिले में तनावपूर्ण स्थिति थी, तब इसी क्षेत्र में बम बनाते समय एक बड़ा विस्फोट हुआ था। उस समय हुई घटना में पांच लोगों की मृत्यु हो गई थी। अब करीब दस साल बाद एक बार फिर उसी संवेदनशील इलाके में बम ब्लास्ट होने से सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस गुत्थी को सुलझाने में लगी हैं कि आखिर वह बम वहां कैसे पहुंचा। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह बम 2016 के समय का पुराना कचरा है जो जमीन में दबा रह गया था, या फिर हाल के दिनों में किसी आपराधिक साजिश के तहत इसे वहां छिपाया गया था। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या इलाके में और भी ऐसे विस्फोटक दबे हो सकते हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। दोषियों की पहचान और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए पुलिस ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है।
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