शिमला। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को बंद करने के फैसले के विरोध में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को मोर्चा खोल दिया। उन्होंने अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना दिया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के इस कदम को पूरी तरह से ग्रामीण विरोधी करार दिया और कहा कि यह फैसला लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर सीधा हमला है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा की परिकल्पना और कार्यान्वयन कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नेतृत्व में किया गया था। यह योजना ग्रामीण रोजगार और समावेशी विकास का एक प्रमुख आधार रही है। उन्होंने पुरानी व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि पहले मनरेगा के तहत काम ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के प्रस्तावों के आधार पर तय किए जाते थे जिससे स्थानीय जरूरतों और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलता था।
सुक्खू ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था में पंचायतों को दरकिनार कर दिया गया है और अब योजना बनाने का अधिकार केंद्रीकृत हो गया है। अब फंड सीधे केंद्र द्वारा आवंटित किए जाएंगे और प्रोजेक्ट भी चुनिंदा क्षेत्रों के लिए ही अधिसूचित होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी इस फैसले के खिलाफ राज्य भर में जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी और इसे जनता के सामने बेनकाब करेगी।
मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि हिमाचल प्रदेश इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले राज्यों में से एक होगा। पहले केंद्र सरकार मनरेगा के तहत मजदूरी की पूरी देनदारी उठाती थी जबकि राज्य सरकार श्रमिकों को 80 रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त प्रोत्साहन देती थी। लेकिन संशोधित व्यवस्था के तहत केंद्र केवल 90 प्रतिशत मजदूरी का भार उठाएगा और बाकी बोझ राज्य को उठाना होगा। उन्होंने मांग की कि मनरेगा को उसकी मूल भावना के साथ ही जारी रखा जाना चाहिए।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक और बड़ा मुद्दा उठाते हुए कहा कि मनरेगा के तहत जिला परिषदों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन भी बंद कर दिया गया है जिससे योजना के क्रियान्वयन पर बुरा असर पड़ेगा। इसके अलावा उन्होंने सेब पर आयात शुल्क कम करने के केंद्र के फैसले का भी कड़ा विरोध किया और कहा कि इससे हिमाचल के सेब उत्पादकों को भारी नुकसान होगा। इस प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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