चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने वर्ष 2025 के दौरान ठोस कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य के स्थानीय निकाय विभाग ने सफाई और स्वच्छता के मामले में नई इबारत लिखी है। इस बेहतरीन प्रदर्शन का प्रमाण यह है कि बठिंडा नगर निगम को भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण में स्वच्छ शहर का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है। पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ रवजोत सिंह ने विभाग की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि राज्य के 25 शहरी स्थानीय निकायों यानी यूएलबी को कचरा मुक्त स्टार 1, एक को कचरा मुक्त स्टार 3 और 46 निकायों को पानी प्लस का दर्जा मिला है।
विभाग की पहल से पुराने कचरे यानी लिगेसी वेस्ट के निपटारे में भी बड़ी कामयाबी मिली है। डॉ रवजोत सिंह ने बताया कि राज्य के 131 यूएलबी में पुराने कचरे का प्रबंधन किया गया है। कुल 84.09 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे में से 40.78 लाख मीट्रिक टन का सफल प्रबंधन हो चुका है और बाकी बचे कचरे को अप्रैल 2027 तक निपटाने की योजना तैयार है। इस साल ताजे कचरे के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है जिसके तहत घर घर से कचरा उठाने और उसके स्रोत पर ही अलगाव को बढ़ावा दिया गया है।
कचरा प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया गया है। राज्य में कचरा उठाने और परिवहन के लिए 9812 तिपहिया वाहन और 3162 यांत्रिक वाहन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 8436 कंपोस्ट पिट्स और 276 मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी का निर्माण किया गया है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और सुल्तानपुर लोधी में भी कई अहम परियोजनाएं पूरी की गई हैं। लुधियाना में 769.18 करोड़ रुपये के 71 प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं जबकि अमृतसर में 580 करोड़ रुपये के 19 प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए हैं।
प्रदूषण कम करने और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी सरकार ने कदम उठाए हैं। अमृतसर में राही योजना के तहत 1200 पुराने डीजल ऑटो रिक्शा को नए इलेक्ट्रिक ऑटो से बदला गया है। इसके अलावा 200 पिंक ई ऑटो महिला लाभार्थियों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर दिए गए हैं। राज्य के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए 447 ई बसें खरीदी जा रही हैं।
रवजोत सिंह ने बताया कि स्थानीय निकाय विभाग ने नागरिकों की सुविधा के लिए घर द्वार पर सेवाओं की डिलीवरी यानी डोर स्टेप डिलीवरी शुरू की है जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। इसके अलावा 16 अमृत शहरों और सुल्तानपुर लोधी के लिए पानी की आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क का जीआईएस आधारित डिजिटलीकरण पूरा कर लिया गया है। केंद्र सरकार की विशेष सहायता योजना के तहत राज्य को 32 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन भी मिला है।