धूरी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को धूरी में अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए एक दिलचस्प टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जहां उनकी सरकार राज्य के युवाओं को डॉक्टर और इंजीनियर बनाकर भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार कर रही है वहीं अकाली दल उन्हें वापस डायनासोर युग में धकेलने की कोशिश में लगा है। मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल ने पहले ही नशा देकर राज्य के युवाओं को बर्बाद कर दिया था और अब वे फिर से राज्य को पिछड़ेपन की ओर ले जाना चाहते हैं।
मजाकिया लहजे में तंज कसते हुए भगवंत मान ने कहा कि अकालियों का डायनासोर असल में हवा से भरा एक प्लास्टिक का खिलौना है जिसकी हवा जल्द ही जनता निकाल देगी। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए हाल ही में सरकारी स्कूलों में हुई मेगा पेरेंट्स टीचर मीटिंग यानी पीटीएम की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि इस पीटीएम में 23.3 लाख अभिभावकों की भागीदारी पंजाब के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। मान ने कहा कि पहले ऐसी मीटिंग्स केवल प्राइवेट स्कूलों में होती थीं लेकिन अब सरकारी स्कूलों में भी इसे लागू किया गया है जो शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है।
न्यूजीलैंड में नगर कीर्तन विरोध के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार को यह मामला न्यूजीलैंड सरकार के सामने उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड एक शिक्षित देश है और प्रवासन का मुद्दा अब एक वैश्विक चिंता बन चुका है। मान ने दोहराया कि पंजाब सरकार पंजाबियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने धूरी विधानसभा क्षेत्र की पंचायतों के साथ बैठक की और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से कहा कि वे गांवों की समस्याओं को समझें और उन्हें हल करने का प्रयास करें। मनरेगा का अधिकतम उपयोग करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे जरूरतमंदों को रोजगार मिलेगा और विकास कार्य कुशलता से पूरे होंगे।
भगवंत मान ने सरपंचों, पंचायत समितियों और जिला परिषद के सदस्यों से अपील की कि वे पार्टी लाइन से ऊपर उठकर केवल विकास पर ध्यान दें। उन्होंने ऐलान किया कि हर गांव को मिनी बस सेवा से जोड़ा जाएगा और इसके लिए युवाओं को बस परमिट जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह जनवरी के पहले सप्ताह में होगा जिसके बाद मगसिपा में उन्हें उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने संतोष जताया कि पहली बार राज्य के हर गांव में विकास कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं।