चंडीगढ़। पंजाब को देश के प्रमुख और पसंदीदा निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने विदेशी निवेशकों से संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने दुबई में आयोजित एनुअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग में यूएई के निवेशकों, वैश्विक कंपनियों और प्रवासी पंजाबियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने निवेशकों को नई इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी-2026 के तहत आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन, तेज मंजूरी और निवेश की पूरी प्रक्रिया में सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में मजबूत औद्योगिक ढांचा, कुशल मानव संसाधन, उद्यमिता का मजबूत माहौल, कृषि क्षेत्र की ताकत, बेहतर कनेक्टिविटी और बड़ा उपभोक्ता बाजार मौजूद है। इन खूबियों के चलते राज्य यूएई और अन्य देशों के निवेशकों के लिए विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में कारोबार स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की नई औद्योगिक नीति अलग-अलग श्रेणी के निवेशकों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप प्रोत्साहन देने के लिए लचीला ढांचा उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही निवेश पंजाब के सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के जरिए मंजूरियों और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है।
125 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन
अमन अरोड़ा के अनुसार नीति के तहत पात्र विनिर्माण इकाइयों को योग्य फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट का 100 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन मिल सकता है। वहीं प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, सीमावर्ती जिलों और कंडी क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों के लिए यह लाभ 125 प्रतिशत तक हो सकता है। हालांकि, प्रोत्साहन की कुल सीमा 500 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
नीति में योग्य निवेश पर 20 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये तक है। इसके अलावा पात्र अवधि के दौरान नेट एसजीएसटी की 75 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति और पात्र नई इकाइयों तथा विस्तार करने वाली मौजूदा इकाइयों के लिए बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है। ये लाभ निर्धारित शर्तों के अधीन मिलेंगे।
रोजगार बढ़ाने वाले क्षेत्रों पर जोर
सरकार की नीति में रोजगार से जुड़े निवेश को भी प्रोत्साहित किया गया है। नए उद्योगों के साथ मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार और आधुनिकीकरण को भी प्रोत्साहन के दायरे में रखा गया है। इससे कंपनियों को अपने निवेश और रोजगार योजनाओं के अनुरूप उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।
अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, कपड़ा, आईटी और आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डाटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, नई तकनीक और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में यूएई से निवेश आकर्षित करना चाहता है।
निवेश पंजाब से मिलेगी एक जगह सभी सुविधाएं
मंत्री ने कहा कि निवेश पंजाब राज्य की निवेश सुविधा व्यवस्था का प्रमुख आधार है। इसके माध्यम से निवेशक नियामकीय मंजूरियों के लिए आवेदन करने, प्रोत्साहनों की जानकारी लेने, प्रक्रियाओं की स्थिति देखने और परियोजना से जुड़ी सहायता प्राप्त करने में सक्षम होंगे। इसका उद्देश्य अलग-अलग विभागों के चक्कर कम करना और निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।
उन्होंने राजपुरा में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित 1,100 एकड़ के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विनिर्माण और इससे जुड़े उद्योगों में बड़े निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार यूएई के साथ दीर्घकालिक कारोबारी साझेदारी विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य अपनी औद्योगिक, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, तकनीकी और मानव संसाधन क्षमता के जरिए यूएई के वैश्विक निवेश नेटवर्क के साथ मजबूत संबंध स्थापित करना चाहता है।
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