Delhi: पाकिस्तान खुद तय करे उसे भूगोल का हिस्सा रहना है या इतिहास का- सेना प्रमुख – The Hill News

Delhi: पाकिस्तान खुद तय करे उसे भूगोल का हिस्सा रहना है या इतिहास का- सेना प्रमुख

नई दिल्ली। सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट सैन्य संदेश दिया है। दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पड़ोसी देश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान ने भारत के विरुद्ध अपनी नापाक हरकतों और आतंकवादियों को पनाह देने का सिलसिला बंद नहीं किया, तो उसे एक बड़ा फैसला लेना होगा। उपेंद्र द्विवेदी ने दो टूक शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को यह तय करना होगा कि वह भविष्य में दुनिया के ‘भूगोल’ का हिस्सा बने रहना चाहता है या ‘इतिहास’ के पन्नों में सिमटकर रह जाना चाहता है।

यह तीखा और निर्णायक बयान दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित ‘यूनिफॉर्म अनवेल्ड’ नामक एक संवादात्मक सत्र के दौरान सामने आया। इस कार्यक्रम में सेना प्रमुख से भारत की सुरक्षा चुनौतियों और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ के संबंध में गंभीर सवाल पूछे गए थे। विशेष रूप से उनसे यह पूछा गया कि यदि पिछले वर्ष हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी परिस्थितियां दोबारा पैदा होती हैं, तो भारतीय सेना की वर्तमान प्रतिक्रिया क्या होगी। इस सवाल के जवाब ने पाकिस्तान के प्रति भारत के कड़े सामरिक रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने पूरी दृढ़ता से स्पष्ट कर दिया।

उपेंद्र द्विवेदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरते हुए कहा कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए हर समय पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए गंभीर संकेत दिया कि अगर पाकिस्तान ने अपनी हरकतों में सुधार नहीं किया, तो उसकी भौगोलिक संप्रभुता संकट में पड़ सकती है। उनके इस बयान का सीधा अर्थ यह निकाला जा रहा है कि भारत अब केवल अपनी सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर दुश्मन के अस्तित्व को गंभीर चुनौती देने वाली सैन्य कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का संदर्भ देते हुए सेना प्रमुख ने यह याद दिलाया कि किस प्रकार भारतीय सेना ने प्रतिकूल परिस्थितियों में अपने अद्वितीय पराक्रम का परिचय दिया था। उन्होंने साफ किया कि आतंकवाद को पालने-पोसने की पाकिस्तान की नीति अब उसके लिए ही आत्मघाती साबित होने वाली है। उपेंद्र द्विवेदी के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी यह संदेश मजबूती से पहुंचा दिया है कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं करेगा।

सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, उपेंद्र द्विवेदी का यह बयान न केवल पाकिस्तान के लिए एक सीधी चेतावनी है, बल्कि यह भारतीय सेना के ऊंचे मनोबल और आधुनिक युद्ध कौशल की ओर भी इशारा करता है। मानेकशॉ सेंटर में हुए इस संवाद ने स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सैन्य नेतृत्व अब कूटनीतिक सीमाओं से आगे बढ़कर दुश्मन को उसकी भाषा में जवाब देने के लिए सामरिक रूप से तैयार है। आने वाले समय में सीमा पर किसी भी तनाव की स्थिति में भारतीय सेना की रणनीति पहले से अधिक आक्रामक और निर्णायक हो सकती है। पाकिस्तान को अब यह गंभीरता से सोचना होगा कि आतंकवाद का समर्थन जारी रखकर वह अपने ही विनाश की पटकथा लिख रहा है।

 

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