China: चीन ने ईरान से की होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील – The Hill News

China: चीन ने ईरान से की होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील

बीजिंग/वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक कूटनीति तेज हो गई है। चीन ने बुधवार को ईरान से स्पष्ट शब्दों में आग्रह किया है कि वह वैश्विक व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए होर्मुज स्ट्रेट को जल्द से जल्द खोल दे। बीजिंग में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को साझा किया। चीन का मानना है कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से सुरक्षित आवागमन बहाल करना विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है। चीन ने ईरान के उस वादे का भी समर्थन किया है जिसमें उसने परमाणु हथियार न बनाने की बात कही है, हालांकि शांतिपूर्ण कार्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के उपयोग को ईरान का अधिकार बताया है।

शांति के लिए चीन का चार-सूत्रीय प्रस्ताव

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में पूर्ण युद्धविराम की तत्काल आवश्यकता है और दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठकर वार्ता करनी चाहिए। इसके जवाब में ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने क्षेत्रीय शांति के लिए चीन द्वारा पेश किए गए चार-सूत्रीय प्रस्ताव की सराहना की। अराघची ने कहा कि ईरान को चीन की मध्यस्थता पर पूर्ण विश्वास है और वह उम्मीद करता है कि बीजिंग युद्ध रोकने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा। ईरान ने युद्ध के बाद एक ऐसी नई क्षेत्रीय व्यवस्था का भी समर्थन किया जो सुरक्षा और विकास के बीच बेहतर तालमेल बिठा सके।

अमेरिकी फाइटर जेट ने तेल टैंकर को बनाया निशाना

एक ओर जहां कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य मोर्चे पर संघर्ष कम होता नहीं दिख रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि बुधवार को ओमान की खाड़ी में एक ईरानी तेल टैंकर पर फायरिंग की गई। अमेरिकी सेना के अनुसार, एक अमेरिकी फाइटर जेट ने टैंकर के रडर को निशाना बनाकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। यह कार्रवाई तब की गई जब टैंकर ने अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने का प्रयास किया था। अमेरिका का कहना है कि वह ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी को कड़ाई से लागू कर रहा है और किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईरान का यूएई को जवाब और मैक्रों की पहल

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) द्वारा लगाए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के आरोपों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक कड़ा बयान जारी कर यूएई को चेतावनी दी कि वह अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर ईरान विरोधी साजिशों का हिस्सा न बने। दूसरी ओर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इस संकट को सुलझाने के लिए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर चर्चा की। मैक्रों ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की निर्बाध आवाजाही के महत्व को दोहराया और फ्रांस व ब्रिटेन के उस प्रस्ताव पर विचार करने को कहा जिसके तहत इस मार्ग की सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन स्थापित करने की योजना है।

होर्मुज स्ट्रेट का सामरिक महत्व और ट्रंप की मांग

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया में तेल और गैस की आपूर्ति का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मार्ग है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की भी यह प्रमुख मांग है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करे और होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए तुरंत खोले। इसी दबाव के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी चीन से ईरान पर दबाव बनाने का आग्रह किया था। वर्तमान स्थिति यह है कि एक ओर जहां चीन और फ्रांस जैसे देश बातचीत के जरिए समाधान ढूंढ रहे हैं, वहीं अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति के जरिए ईरान की घेराबंदी करने में जुटा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान इन अंतरराष्ट्रीय दबावों के बीच क्या रुख अपनाता है।

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