नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में सरकार बनाने को लेकर जोड़-तोड़ और ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ का दौर शुरू हो गया है। बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई पार्टियों के बीच गठबंधन की कोशिशें तेज थीं, लेकिन अब समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में एआईएडीएमके ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी भेज दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके और एआईएडीएमके के बीच समर्थन को लेकर चल रही बातचीत अचानक बंद हो गई है।
विधायकों की बाड़ेबंदी और पुडुचेरी रवानगी
एआईएडीएमके ने अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी संभावित सेंधमारी से बचाने के लिए उन्हें पुडुचेरी स्थानांतरित कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता कोवई सत्यन ने विधायकों के पुडुचेरी में होने की पुष्टि तो की, लेकिन उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए विधायकों की सटीक संख्या या इस कदम के पीछे के आधिकारिक कारणों का खुलासा नहीं किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गठबंधन की बातचीत टूटने के बाद पार्टी अपने कुनबे को बिखरने से बचाना चाहती है। इसके साथ ही एआईएडीएमके नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी स्थिति में डीएमके के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।
टीवीके और एआईएडीएमके के बीच वार्ता का अंत
सूत्रों के अनुसार, एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके ने विजय की पार्टी टीवीके को सरकार बनाने के लिए बिना किसी शर्त के समर्थन देने का प्रस्ताव दिया था। दोनों दलों के बीच मंगलवार सुबह से ही चुनाव बाद के तालमेल पर बातचीत चल रही थी। एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं का कहना था कि वे राज्य में एक स्थिर सरकार चाहते थे और आपसी सम्मान के साथ समझौते के लिए तैयार थे। हालांकि, बुधवार दोपहर तक टीवीके खेमे की ओर से कोई जवाब न मिलने के बाद एआईएडीएमके ने अपने प्रस्ताव को वापस लेने और बातचीत खत्म करने का फैसला कर लिया।
कांग्रेस का प्रवेश और बदलता राजनीतिक परिदृश्य
एआईएडीएमके और टीवीके के बीच चल रही चर्चा तब ठप हो गई जब कांग्रेस ने इस खेल में प्रवेश किया। पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने टीवीके को सशर्त समर्थन देने की पेशकश की है। कांग्रेस की शर्त है कि टीवीके को उन सांप्रदायिक ताकतों से दूरी बनाकर रखनी होगी जो संविधान में विश्वास नहीं रखतीं। कांग्रेस के इस रुख के बाद विजय के खेमे ने एआईएडीएमके के प्रस्ताव पर चुप्पी साध ली, जिसे पलानीस्वामी गुट ने अपना अपमान माना है। एआईएडीएमके के नेताओं का कहना है कि विजय उनके बिना शर्त समर्थन का सम्मान करने में विफल रहे हैं।
तमिलनाडु विधानसभा का वर्तमान गणित
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़े तक पहुंचने की जद्दोजहद जारी है। चुनाव नतीजों में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन वह बहुमत के आंकड़े (118) से 10 सीट पीछे है। वहीं डीएमके 59 सीटों के साथ दूसरे और एआईएडीएमके 47 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर है। अन्य दलों में कांग्रेस के पास 5, पीएमके के पास 4 और आईयूएमएल, सीपीआई, सीपीएम व वीसीके के पास 2-2 सीटें हैं। भाजपा, डीएमडीके और एएमएमके ने भी एक-एक सीट पर जीत हासिल की है। अब सबकी नजरें टीवीके के अगले कदम पर टिकी हैं।
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