TN: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में थलापति विजय की पार्टी की बड़ी जीत – The Hill News

TN: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में थलापति विजय की पार्टी की बड़ी जीत

नई दिल्ली। तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता विजय थलापति अब राजनीति के मैदान में भी
अपनी फिल्मी सफलता को दोहराते नजर आ रहे हैं। उनकी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा
वेट्री कझगम’ (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के शुरुआती
रुझानों में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत की ओर कदम बढ़ा दिए
हैं। विजय ने मात्र 69 फिल्मों के करियर में दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में जो
मुकाम हासिल किया था, वैसा ही जादू अब वे चुनावी राजनीति में दिखाते दिख रहे हैं।

जोसेफ विजय चंद्रशेखर के रूप में 22 जून 1974 को जन्मे इस अभिनेता के पिता एस.ए.
चंद्रशेखर एक प्रसिद्ध निर्देशक और मां शोभा चंद्रशेखर पार्श्व गायिका हैं।
विजय ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी और 18 वर्ष
की आयु में ‘नालाया थीरपू’ से मुख्य अभिनेता के तौर पर कदम रखा। ‘लियो’, ‘थेरी’
और ‘बीस्ट’ जैसी सुपरहिट फिल्में देने वाले विजय को उनके प्रशंसक प्यार से
‘थलापति’ कहते हैं। फरवरी 2024 में उन्होंने अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेट्री
कझगम’ की नींव रखी और फिल्मों से संन्यास लेकर पूरी तरह राजनीति में उतरने का
फैसला किया। उनकी अंतिम फिल्म ‘जन नायकन’ मानी जा रही थी, जो रिलीज से पहले ही
विवादों और सेंसर बोर्ड की अड़चनों में फंस गई और हाल ही में ऑनलाइन लीक
भी हो गई।

विजय का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उनकी फिल्मों ‘थलाइवा’ और
‘सरकार’ ने तत्कालीन सरकारों के साथ विवाद मोल लिए थे। 2025 में करूर में
उनकी एक रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई थी, जिस पर उन्होंने
गहरा दुख व्यक्त किया था। दिलचस्प बात यह है कि तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री
उदयनिधि स्टालिन, जो कभी विजय के करीबी दोस्त और उनकी फिल्म ‘कुरुवी’ के
निर्माता थे, इस चुनाव में उनके सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरे हैं।
विजय ने एम. जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता जैसे दिग्गजों को अपना आदर्श बताया है।

निजी जीवन की बात करें तो विजय ने 1999 में संगीता सोरनालिंगम से विवाह किया था।
उनके दो बच्चे, जेसन संजय और दिव्या साशा हैं। जेसन संजय अब निर्देशन के
क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। हालांकि, 2025 में संगीता ने तलाक के लिए
अर्जी दी और विजय पर कुछ गंभीर आरोप भी लगाए, जिससे वे काफी चर्चा में रहे।
इन तमाम व्यक्तिगत और राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, 2026 के विधानसभा चुनावों
में उनकी पार्टी का प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि तमिलनाडु की जनता ने उन्हें
एक नेता के रूप में स्वीकार कर लिया है। अब देखना यह होगा कि अंतिम नतीजों के
बाद वे राज्य की राजनीति में कितनी बड़ी भूमिका निभाते हैं।

 

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