सेंट पीटर्सबर्ग। मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच
रूस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान का पुरजोर बचाव किया है। संयुक्त राष्ट्र
सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में रूसी राजदूत वसीली नेबेंजिया ने होर्मुज
जलडमरूमध्य में आवाजाही को सीमित करने के ईरान के अधिकार का समर्थन
किया। उन्होंने पश्चिमी देशों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन पर पाखंड और
समुद्री डकैती का गंभीर आरोप लगाया। रूस के इस रुख ने वैश्विक राजनीति
में ईरान के पक्ष को मजबूती प्रदान की है।
इसी कड़ी में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास
अराघची के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान
पुतिन ने ईरान की संप्रभुता और अपनी रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ने वाले
ईरानियों की जमकर सराहना की। अब्बास अराघची पाकिस्तान और ओमान की संक्षिप्त
यात्रा के बाद रूस पहुँचे थे, जहाँ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पुतिन ने
स्पष्ट किया कि मॉस्को पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति बहाल करने के
लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है।
बैठक के दौरान व्लादिमीर पुतिन ने बताया कि उन्हें पिछले सप्ताह ईरान के सर्वोच्च
नेता मोजतबा खामेनेई का एक विशेष संदेश प्राप्त हुआ था। पुतिन ने इस संदेश के
लिए आभार जताते हुए अराघची के माध्यम से खामेनेई के बेहतर स्वास्थ्य और सकुशल
होने की कामना की। इस उच्चस्तरीय वार्ता में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव
भी उपस्थित रहे। रूसी राष्ट्रपति ने दोहराया कि उनका प्रशासन पश्चिम एशिया में
स्थिरता लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के समर्थन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए
कहा कि अमेरिका के साथ जारी इस संघर्ष में पूरी दुनिया ने ईरान की वास्तविक शक्ति
और साहस को देखा है। उन्होंने कहा कि ईरानी अवाम ने अमेरिकी आक्रमण का जिस दृढ़ता से
सामना किया है, वह सराहनीय है। अराघची ने यह भी रेखांकित किया कि इस संकट की घड़ी
में रूस जैसा मजबूत दोस्त और सहयोगी होना ईरान के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने मोजतबा खामेनेई और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की
ओर से रूसी नेतृत्व को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि रूस
दोनों पक्षों के बीच स्वीकार्य मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। हालांकि,
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ के अनुसार, वार्ता के शुरुआती चरणों में कुछ
प्रगति हुई थी, लेकिन अमेरिका के गलत रवैये और अड़ियल रुख के कारण बातचीत सफल
नहीं हो सकी। सेंट पीटर्सबर्ग पहुँचने पर अराघची का स्वागत रूसी अधिकारियों
और रूस में ईरान के राजदूत काजिम जलाली ने किया, जिससे दोनों देशों के बीच बढ़ती
नजदीकियों का स्पष्ट संकेत मिला है।
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