नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के विरुद्ध युद्ध में अमेरिका के साथ अटूट एकजुटता जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को नहीं खोला, तो वे ईरान के पावर ग्रिड पर होने वाले अमेरिकी हमलों का पुरजोर समर्थन करेंगे। नेतन्याहू का यह बयान क्षेत्र में बढ़ती सैन्य सरगर्मी और ऊर्जा संकट की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
यह बयान बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी इजरायल के अराद शहर में दिया, जहां उन्होंने ईरानी मिसाइल हमले से प्रभावित स्थल का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने वैश्विक नेताओं से इस संघर्ष में शामिल होने और साझा प्रयासों को बल देने की अपील की। उन्होंने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल जो भी कदम उठाएंगे, वे पूरी तरह समन्वित होंगे और उनमें आवश्यक गोपनीयता बरती जाएगी।
बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम का खुलकर समर्थन किया है। डोनल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर हॉर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से लेकर अन्य ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट करना शुरू कर देगा। इजरायल का मानना है कि डोनल्ड ट्रंप का यह कड़ा रुख ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित होगा। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि ईरान का वर्तमान शासन केवल इजरायल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है।
गौरतलब है कि हॉर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान ने इस मार्ग को प्रभावी रूप से बाधित कर दिया है, जिससे वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतें प्रभावित हो रही हैं।
दूसरी ओर, तेहरान ने भी इन धमकियों का कड़ा जवाब दिया है। ईरान ने चेतावनी जारी की है कि यदि उसके पावर प्लांटों पर किसी भी प्रकार का हमला होता है, तो वह पूरे क्षेत्र की ऊर्जा और जल संरचनाओं को निशाना बनाएगा। इसमें इजरायल और अमेरिका के सैन्य ठिकानों को आपूर्ति करने वाले संयंत्र भी शामिल होंगे। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह न केवल स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर देगा, बल्कि क्षेत्रीय देशों की ऊर्जा सुविधाओं पर भी जवाबी हमला करेगा। इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और युद्ध के और अधिक विनाशकारी होने की आशंका बढ़ा दी है। अब सबकी नजरें डोनल्ड ट्रंप के अल्टीमेटम की समय सीमा समाप्त होने पर टिकी हैं।
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