चंडीगढ़। पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बढ़ती सक्रियता और लगातार हो रही छापेमारी ने सूबे की सियासत में जबरदस्त उबाल ला दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इन कार्रवाइयों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर पंजाब के लोगों और नेताओं को जानबूझकर प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार देते हुए कहा कि पंजाब अब इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगा।
अरविंद केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया के जरिए जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे ही पश्चिम बंगाल के चुनाव समाप्त हुए, केंद्र सरकार ने पंजाब में रोज ईडी की छापेमारी शुरू कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में नरेंद्र मोदी ने पंजाब के साथ बहुत ‘धक्का’ किया है और पंजाबियों को अलग-अलग तरीके से प्रताड़ित करने का प्रयास किया है। केजरीवाल ने अपने आरोपों की फेहरिस्त में पंजाब के पानी पर कथित हमले, पंजाब विश्वविद्यालय को हथियाने की कोशिश और ग्रामीण विकास के फंड को रोकने जैसे गंभीर मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब ईडी की इन छापेमारी के जरिए इस प्रताड़ना को नए स्तर पर ले जाया जा रहा है।
विपक्षी नेताओं को तोड़ने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने अशोक मित्तल का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि अशोक मित्तल के ठिकानों पर छापेमारी की गई और उसके तुरंत बाद उन्हें भारतीय जनता पार्टी में शामिल करवा लिया गया। केजरीवाल के मुताबिक, इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि ईडी की इन कार्रवाइयों का उद्देश्य भ्रष्टाचार के पैसे को ढूंढना नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाकर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए मजबूर करना है। उन्होंने संजीव अरोड़ा का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने भाजपा में शामिल होने से इनकार कर दिया, तो उनके यहां दोबारा छापेमारी की गई।
केजरीवाल ने इस राजनीतिक टकराव में ऐतिहासिक संदर्भों का उपयोग करते हुए बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि पंजाब गुरुओं की पावन धरती है। जिस प्रकार सैकड़ों साल पहले औरंगजेब ने जुल्म और अत्याचार के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों पर कब्जा कर लिया था, ठीक उसी प्रकार वर्तमान प्रधानमंत्री भी अलोकतांत्रिक तरीकों से देश के अलग-अलग हिस्सों पर कब्जा कर रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि औरंगजेब ने पंजाब पहुंचकर गुरुओं पर बहुत जुल्म किए थे और आज मोदी भी पंजाबियों पर अत्याचार कर रहे हैं।
अपने संबोधन के अंत में केजरीवाल ने पंजाब के गौरवशाली इतिहास और संघर्ष का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि जिस तरह गुरुओं ने अपनी महान कुर्बानी देकर औरंगजेब का सामना किया और मानवता को बचाया, आज उसी प्रेरणा के साथ पंजाब नरेंद्र मोदी के अत्याचार का डटकर मुकाबला करेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब न केवल खुद को बचाएगा, बल्कि पूरे देश को इस दमनकारी नीति से मुक्ति दिलाने में नेतृत्व करेगा। केजरीवाल ने किसान आंदोलन का संदर्भ देते हुए याद दिलाया कि कुछ समय पहले भी प्रधानमंत्री को पंजाब के किसानों के आगे झुकना पड़ा था और आज जब उन्होंने पूरे पंजाब को ललकारा है, तो उन्हें फिर से वही प्रतिरोध झेलना पड़ेगा। केंद्र और पंजाब सरकार के बीच छिड़ा यह वाकयुद्ध आने वाले दिनों में और तीव्र होने की संभावना है।
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