Himachal: प्रदेश में मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना के जरिए एक लाख परिवारों का होगा कायाकल्प

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के निर्धन परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना’ का आगाज किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के दायरे में प्रदेश के चयनित एक लाख बीपीएल परिवारों को लाया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बजट के माध्यम से इस योजना की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया है कि इसका मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके लिए एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा चक्र तैयार करना है। इस योजना के जरिए सरकार अपनी तीन प्रमुख चुनावी गारंटियों को एक साथ पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

योजना के तहत गरीब परिवारों को सबसे बड़ी राहत बिजली के बिलों के मोर्चे पर दी गई है। सरकार ने निर्णय लिया है कि इस योजना में शामिल एक लाख परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी। इस कदम से न केवल इन परिवारों के घरेलू बजट का बोझ कम होगा, बल्कि राज्य के ऊर्जा संसाधनों का सीधा लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचेगा। बिजली के साथ-साथ सिर पर पक्की छत का सपना देख रहे परिवारों के लिए भी बजट में बड़ा प्रविधान किया गया है। सरकार ने प्रदेश के 27,000 पात्र परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद देने का संकल्प लिया है। इन लाभार्थियों का चयन जिला प्रशासन द्वारा करवाए गए विशेष सर्वे के आधार पर किया गया है, ताकि बेघर और जरूरतमंद परिवारों को गरिमापूर्ण जीवन मिल सके।

नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘इन्दिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि’ योजना को भी इस सुखी परिवार योजना के साथ जोड़ा गया है। इसके तहत चिन्हित एक लाख परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राशि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और उनकी दैनिक व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगी। गौरतलब है कि यह सम्मान निधि वर्तमान में लाहौल-स्पीति जिले और चंबा के पांगी क्षेत्र में पहले से दी जा रही है, जिसे अब राज्य के अन्य हिस्सों के गरीब परिवारों तक विस्तारित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का मानना है कि गरीबी उन्मूलन की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर साबित होगी। मुफ्त बिजली, पक्का आवास और महिलाओं को नकद आर्थिक सहायता मिलने से इन परिवारों की बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। सरकार का यह निवेश ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेघर व निर्धन लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। कुल मिलाकर, ‘अपना सुखी परिवार योजना’ हिमाचल प्रदेश में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है।

 

Pls read:Himachal: मुख्यमंत्री सुक्खू ने पेश किया हिमाचल का बजट महिलाओं को सम्मान और किसानों को मिला बड़ा तोहफा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *