चंडीगढ़। पंजाब में नशा तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कानून-व्यवस्था अब पूरी तरह नियंत्रण में है। सख्त पुलिसिंग और निरंतर चलाए जा रहे विशेष अभियानों के कारण न केवल अपराध की दर में गिरावट आई है, बल्कि औद्योगिक निवेश के लिए भी राज्य में एक सुरक्षित वातावरण तैयार हुआ है।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, 16 मार्च 2022 से अब तक पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए 95,881 तस्करों और सप्लायरों को सलाखों के पीछे भेजा है। इस अवधि के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 70,228 एफआईआर दर्ज की गई हैं। नशे के काले कारोबार पर आर्थिक प्रहार करते हुए प्रशासन ने 556 बड़े तस्करों की लगभग 772 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति भी जब्त की है। यह कार्रवाई नशा तस्करों की कमर तोड़ने के उद्देश्य से की गई है।
गैंगस्टर नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष रूप से गठित ‘एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स’ ने भी प्रभावी परिणाम दिए हैं। टास्क फोर्स की सक्रियता से अब तक 3,658 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया है और अपराधियों के 1,105 मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने इन अपराधियों के कब्जे से 2,267 अवैध हथियार और अपराधों में इस्तेमाल किए गए 655 वाहन भी बरामद किए हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस सुरक्षा चक्र को देश की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ साझा होने वाली 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के कारण पंजाब पुलिस सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर पहली पंक्ति के रक्षक के रूप में काम कर रही है। ड्रोन के जरिए होने वाली सीमा पार तस्करी को रोकने के लिए अब तक 806 ड्रोन बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 1,472 ड्रोन की संदिग्ध गतिविधियों को सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया है।
पुलिस बल को आधुनिक बनाने के लिए “बॉटम टू टॉप” मॉडल अपनाया गया है, जिसके तहत सबसे पहले बुनियादी स्तर के थानों को सशक्त बनाया जा रहा है। सरकार ने पुलिस के बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए 327.70 करोड़ रुपये की लागत से 2,904 नए वाहन खरीदे हैं। इनमें पीसीआर टीमों के लिए जल्द ही 508 नई गाड़ियां भी शामिल की जाएंगी।
युवाओं को रोजगार देने और पुलिस बल को सशक्त बनाने के लिए भर्ती प्रक्रिया में भी अभूतपूर्व तेजी लाई गई है। हाल के समय में 450 हेड कांस्टेबल, 10,285 कांस्टेबल और 400 सिविलियन सपोर्ट स्टाफ की नियुक्तियां की गई हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2025 और 2026 के लिए भी हजारों कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया पाइपलाइन में है। सरकार का दावा है कि इस मजबूत कानून-व्यवस्था के चलते ही पंजाब अब टेक्सटाइल और स्टील जैसे क्षेत्रों में निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।