मनाली। हिमाचल प्रदेश में मौसम के अचानक करवट बदलने से लाहुल और मनाली के ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रविवार शाम से हो रही भारी बर्फबारी के कारण विश्व प्रसिद्ध अटल टनल रोहतांग के आसपास के क्षेत्र में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला। भारी हिमपात के चलते टनल के दोनों ओर करीब 12 किलोमीटर के दायरे में 800 से अधिक पर्यटक वाहन फंस गए हैं। बर्फबारी इतनी तीव्र थी कि देखते ही देखते सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई और वहां मौजूद सैकड़ों सैलानी बीच रास्ते में ही कैद होकर रह गए। शून्य से नीचे लुढ़के तापमान के बीच इन पर्यटकों ने पूरी रात अपनी गाड़ियों में ही ठिठुरते हुए बिताई।
सड़क पर बिछी मौत की चादर
अटल टनल और इसके आसपास के इलाकों में अब तक लगभग एक फीट के करीब ताजा बर्फ गिर चुकी है। तापमान में भारी गिरावट की वजह से सड़क पर जमी बर्फ शीशे की तरह सख्त हो गई है। सड़कों पर फिसलन इतनी बढ़ गई है कि वाहनों के टायर जमीन पकड़ नहीं पा रहे हैं और गाड़ियां अनियंत्रित होकर स्किड कर रही हैं। रविवार शाम को जब पर्यटकों ने लाहुल से मनाली की ओर वापसी शुरू की, तभी अचानक बर्फबारी तेज हो गई। अंधेरा होने और सड़कों के खतरनाक हो जाने के कारण वाहन चालकों ने जोखिम लेना उचित नहीं समझा और गाड़ियां जहां की तहां खड़ी कर दीं।
युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन
पर्यटकों के फंसे होने की सूचना मिलते ही कुल्लू और मनाली प्रशासन हरकत में आ गया। मनाली के डीएसपी केडी शर्मा अपनी पुलिस टीम के साथ रविवार रात को ही मौके पर पहुंच गए और पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व किया। सोमवार सुबह स्थिति का जायजा लेने के लिए एसडीएम रमन कुमार भी सुबह चार बजे दोबारा घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रशासन ने सबसे पहले उन लोगों को प्राथमिकता दी जो बच्चों और बुजुर्गों के साथ थे।
दोपहर 12 बजे तक प्रशासन ने सफलतापूर्व लगभग 70 प्रतिशत पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया। इन लोगों को उनके सामान्य वाहनों से हटाकर विशेष रूप से तैयार ‘फोर बाई फोर’ (4×4) गाड़ियों के जरिए मनाली पहुंचाया गया। शेष 30 प्रतिशत लोगों और उनके वाहनों को निकालने का कार्य अभी भी निरंतर जारी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अंधेरा होने से पहले सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाए।
टनल के भीतर बढ़ी चुनौतियां
9 किलोमीटर लंबी अटल टनल के भीतर की स्थिति और भी जटिल हो गई है। बर्फबारी से बचने और जल्दी निकलने की होड़ में पर्यटकों ने अपने वाहन सुरंग के भीतर दोनों लेनों में खड़े कर दिए हैं। इस वजह से टनल के भीतर भारी ट्रैफिक जाम लग गया है और रेस्क्यू के लिए भेजी गई भारी मशीनरी दूसरे छोर तक नहीं पहुंच पा रही है। लाहुल की ओर से आने वाले वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण मनाली की ओर जाने वाले रास्ते पर भारी दबाव है।
बीआरओ और पुलिस का साझा प्रयास
सड़क से बर्फ हटाने और यातायात सुचारू करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। बीआरओ की लेबर और भारी बेल्ट मशीनों का उपयोग बर्फ हटाने के लिए किया जा रहा है। सड़क पर जमी बर्फ को पिघलाने के लिए यूरिया खाद का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि फिसलन कम हो सके और गाड़ियों को सुरक्षित निकाला जा सके। बीआरओ के मेजर और पुलिस अधिकारी संयुक्त रूप से इस रेस्क्यू मिशन की निगरानी कर रहे हैं।
मानवीय संवेदना और राहत कार्य
भीषण ठंड और बर्फ के बीच फंसे पर्यटकों की सुध लेते हुए प्रशासन ने मानवीय आधार पर राहत सामग्री का वितरण किया है। रातभर फंसे रहने के कारण कई पर्यटकों के पास भोजन और पानी की कमी हो गई थी। इसे देखते हुए एसडीएम मनाली की देखरेख में फंसे हुए वाहनों तक पीने का पानी, जूस के पैकेट और फल पहुंचाए गए। प्रशासन की इस त्वरित प्रतिक्रिया से सैलानियों को काफी राहत मिली है।
पर्यटकों के लिए चेतावनी
प्रशासन ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए आगामी कुछ दिनों के लिए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को आगाह किया है। मौसम विभाग के अनुसार अभी बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है, ऐसे में बिना किसी ठोस कारण के ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर न जाने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां सड़कें फिसलन भरी हैं, वहां केवल अनुभवी चालकों और उपयुक्त वाहनों को ही अनुमति दी जा रही है।
अटल टनल के पास फंसे इन 800 वाहनों को निकालने का यह अभियान हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के कारण अब तक किसी भी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित होटलों और विश्राम गृहों तक पहुंचाया जा रहा है। बीआरओ की मशीनें अभी भी सड़कों को साफ करने में जुटी हैं ताकि जीवन फिर से सामान्य पटरी पर लौट सके।
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