Uttarakhand: अल्मोड़ा मैग्नेसाइट उद्योग के दोबारा संचालन को मिली हरी झंडी और 2000 लोगों के लिए आजीविका का मार्ग प्रशस्त

अल्मोड़ा/नैनीताल। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित मैग्नेसाइट उद्योग के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। माननीय उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए इस उद्योग को आगामी चार महीनों के लिए पुनः संचालन की अनुमति प्रदान कर दी है। अदालत के इस फैसले से न केवल औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी, बल्कि यहाँ काम करने वाले सैकड़ों श्रमिकों और उनके परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।

लंबे समय से इस उद्योग के बंद रहने के कारण क्षेत्र के लगभग 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इस उद्योग पर निर्भर स्थानीय निवासियों में भविष्य को लेकर भारी चिंता बनी हुई थी। अब अदालत की अनुमति मिलने के बाद इन परिवारों को बड़ा आर्थिक संबल मिला है।

इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार की भूमिका अत्यंत निर्णायक रही है। सरकार के निरंतर प्रयासों और उचित समन्वय के फलस्वरूप ही मैग्नेसाइट उद्योग उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) से ‘सहमति प्रमाण पत्र’ यानी सीटीओ (Consent to Operate) प्राप्त करने में सफल रहा। पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की पुष्टि होने के बाद ही माननीय उच्च न्यायालय ने श्रमिकों के व्यापक हितों और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए दोबारा काम शुरू करने का आदेश जारी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी सरकार उद्योगों के संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के बीच एक बेहतर तालमेल बिठाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना और मौजूदा उद्योगों को सुचारू रखना है। धामी के अनुसार, राज्य में विकास की गति को तेज करने के लिए सरकार हर संभव सकारात्मक कदम उठा रही है ताकि पलायन पर रोक लग सके और युवाओं को अपने घर के पास ही रोजगार मिल सके।

मैग्नेसाइट उद्योग के दोबारा शुरू होने से अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों के बाजारों में भी हलचल बढ़ने की उम्मीद है। औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े संगठनों और मजदूर संघों ने सरकार और न्यायालय के इस संवेदनशील रुख के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह चार महीने की अनुमति फिलहाल एक परीक्षण अवधि के रूप में देखी जा रही है, जिसमें उद्योग को सभी निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। इस फैसले को कुमाऊं क्षेत्र के औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

 

Pls reaD:Uttarakhand: उत्तराखंड के सभी जिलों में 16 मार्च से होगा आपदा प्रबंधन का महाअभ्यास और तहसील स्तर पर परखी जाएगी तैयारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *