ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के साथ ही भारत और बांग्लादेश के संबंधों में एक नए और सकारात्मक अध्याय की शुरुआत हुई है। मंगलवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत ने अपना मजबूत समर्थन व्यक्त करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अपने विशेष प्रतिनिधि के रूप में ढाका भेजा। शपथ ग्रहण समारोह के बाद ओम बिरला ने तारिक रहमान से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एक व्यक्तिगत बधाई पत्र और भारत आने का औपचारिक निमंत्रण सौंपा।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भेजे गए इस पत्र में तारिक रहमान को चुनावी जीत और प्रधानमंत्री पद संभालने की हार्दिक बधाई दी गई है। मोदी ने पत्र के माध्यम से रहमान को यथाशीघ्र भारत की आधिकारिक यात्रा पर आने का न्योता दिया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बताया कि भारत की जनता की ओर से वे नए प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हैं और दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक व आर्थिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राजनयिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह निमंत्रण भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पीएम मोदी ने पिछले सप्ताह बीएनपी की जीत के तुरंत बाद भी तारिक रहमान से टेलीफोन पर बात कर उन्हें बधाई दी थी। तब उन्होंने कहा था कि वे नई सरकार के साथ मिलकर दोनों राष्ट्रों के बहुआयामी संबंधों और साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। गौरतलब है कि यह मोदी की ओर से रहमान को भेजा गया दूसरा व्यक्तिगत पत्र है; इससे पूर्व उनकी माता खालिदा जिया के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने पत्र लिखा था।
ढाका में आयोजित इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और भूटान के प्रधानमंत्री सहित कई अन्य क्षेत्रीय देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भी शिरकत की। ओम बिरला के साथ भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी इस दौरे पर मौजूद रहे। नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने भी इस मुलाकात की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के नेतृत्व ने जनता की भलाई और जन-केंद्रित सहयोग के एजेंडे पर मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया है।
भारत की इस पहल को राजनीतिक परिवर्तन के बाद रिश्तों में निरंतरता और प्रगाढ़ता लाने की दिशा में एक बड़े कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के निर्माण में अपने पड़ोसी का हर संभव साथ देने के लिए तैयार है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा पर टिकी हैं, जो भविष्य की क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए अत्यंत निर्णायक साबित हो सकती है।
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