बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बरठीं में बिलासपुर जिला प्रशासन की एक अनूठी और आधुनिक पहल ‘पढ़ाई विद एआई’ (Padhai with AI) का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसे विशेष रूप से बिलासपुर जिले के उन विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करना है, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अपनी जगह बना सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने या डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा समाज को एक नई दिशा देने, सोच का दायरा बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संवारने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन के सबसे प्रभावी हथियार के रूप में देखती है। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार नवाचारों के माध्यम से शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने और समाज के हर वर्ग के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।
जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पढ़ाई विद एआई’ विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक सशक्त और भविष्योन्मुखी कदम है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को भी वे सभी सुविधाएं मिल सकेंगी, जो पहले केवल बड़े शहरों के कोचिंग संस्थानों तक सीमित थीं। उन्होंने बताया कि यह पहल एक पूर्णतः डिजिटल शिक्षण प्रणाली सुनिश्चित करती है, जो न केवल पाठ्य सामग्री प्रदान करेगी, बल्कि बच्चों को निरंतर शैक्षणिक परामर्श (काउंसलिंग) भी उपलब्ध कराएगी। इससे छात्रों को अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें सुधारने में बड़ी मदद मिलेगी।
परियोजना की तकनीकी बारीकियों की जानकारी देते हुए बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि ‘पढ़ाई विद एआई’ पहल के तहत एनटीपीसी (NTPC) के सहयोग से छात्रों को आधुनिक, तकनीक-आधारित और उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस प्लेटफॉर्म को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह एआई की मदद से छात्रों की सीखने की क्षमता का विश्लेषण कर सके और उन्हें व्यक्तिगत रूप से आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा सके। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह पोर्टल एक वरदान साबित होगा क्योंकि इसमें अभ्यास प्रश्न, मॉक टेस्ट और विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई शिक्षण सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
इस कार्यक्रम के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी और सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि बिलासपुर जिला प्रशासन की यह अनूठी पहल जल्द ही अन्य जिलों के लिए भी एक रोल मॉडल बनेगी। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही उपयोग ही हमारे युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकता है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा की दौड़ में पीछे न रहे। ‘पढ़ाई विद एआई’ पोर्टल के माध्यम से बिलासपुर के छात्रों को अब अपनी प्रतिभा निखारने के लिए एक आधुनिक और सुलभ मंच मिल गया है, जो उनके सपनों को सच करने में अहम भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में इस पोर्टल में और भी कई फीचर्स जोड़ने की योजना है ताकि इसे और अधिक समावेशी और उपयोगी बनाया जा सके।
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