देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुचर्चित कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। देहरादून के नेशविला रोड स्थित सेंट एंग्नेस स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेशों को सुना। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि परीक्षा को केवल एक चुनौती या दबाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे जीवन में परिपक्व होने का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री की इस पहल को एक ‘राष्ट्रीय आंदोलन’ करार दिया, जो करोड़ों युवाओं के मन से परीक्षा का भय निकालकर उन्हें आत्मविश्वास से भर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए अपने स्कूली जीवन के अनुभवों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि स्कूल और विद्यार्थी जीवन का समय अत्यंत अमूल्य होता है, जो एक बार बीत जाने पर दोबारा लौटकर नहीं आता। इसलिए, विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी निरंतर भाग लेना चाहिए। उन्होंने छात्रों को एक ‘योद्धा’ बनने की सलाह दी, जो पूरे धैर्य, शांति और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा का सामना करे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल परीक्षा उत्तीर्ण कर लेना ही काबिलियत का पैमाना नहीं है; जीवन के व्यापक फलक पर सफलता के और भी अनेक लक्ष्य और आयाम होते हैं।
संबोधन के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी एक विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों को सुझाव दिया कि वे अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से न करें, क्योंकि हर बच्चे के पास अपनी अलग प्रतिभा और क्षमता होती है। मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि वे अपने जीवन की प्राथमिकताएं तय करें और एक स्पष्ट लक्ष्य के साथ सकारात्मक सोच अपनाकर आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास जताया कि दबावमुक्त मन से दी गई परीक्षा हमेशा श्रेष्ठ परिणाम लेकर आती है।
‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ ने इस बार भागीदारी के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। देश भर में इस कार्यक्रम के लिए चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने अपना पंजीकरण कराया है, जिससे एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है। उत्तराखंड राज्य की भागीदारी में भी इस वर्ष जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि इस वर्ष प्रदेश से लगभग 7 लाख विद्यार्थी, 53 हजार से अधिक शिक्षक और 14 हजार से अधिक अभिभावक इस मुहिम से जुड़े हैं। यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुनी से भी अधिक है, जो राज्य में शिक्षा और प्रधानमंत्री के संदेशों के प्रति बढ़ती जागरूकता का परिचायक है।
उत्तराखंड के लिए एक और गौरवशाली पल तब आया जब मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए 10 प्रेरक वीडियो में से एक का चयन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है। रुद्रप्रयाग जनपद के विकासखंड जखोली स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाला कुराली के छात्र रोहन सिंह राणा द्वारा तैयार वीडियो को देशभर में सराहा गया है। इस उपलब्धि के कारण रोहन सिंह राणा को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री के मुख्य कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री ने रोहन की इस सफलता को पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि ऐसे उदाहरण अन्य छात्रों को भी रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने सभी छात्रों को आगामी परीक्षाओं के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शिक्षा विभाग की महानिदेशक दीप्ति सिंह, माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के तनाव को दूर करने का मंच बना, बल्कि मुख्यमंत्री के संबोधन ने देवभूमि के युवाओं को जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना करने की नई ऊर्जा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि एक अच्छे और सशक्त चरित्र का निर्माण करना भी है।