Uttarakhand: रुद्रप्रयाग के कमेड़ा में जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार अभियान के तहत समस्याओं का मौके पर निस्तारण – The Hill News

Uttarakhand: रुद्रप्रयाग के कमेड़ा में जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार अभियान के तहत समस्याओं का मौके पर निस्तारण

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्यभर में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान तेजी से संचालित किया जा रहा है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम जनमानस तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग जनपद के प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जिले का दौरा कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुना।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन के नेतृत्व में जनपद की 27 न्याय पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 05 फरवरी 2026 को न्याय पंचायत सतेराखाल के ग्राम कमेड़ा में “प्रशासन गांव की ओर” अभियान के तहत एक विशाल बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की।

शिविर स्थल पर पहुंचते ही प्रभारी सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविर का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं होना चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मौके पर ही मिले। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए और ऐसे आयोजनों से शासन और जनता के बीच की दूरी कम होती है।

कमेड़ा में आयोजित इस शिविर में सरकार के लगभग सभी महत्वपूर्ण विभागों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसमें उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, उद्योग, समाज कल्याण, पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, राजस्व, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास तथा पूर्ति विभाग प्रमुख थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए आयुष्मान आरोग्य शिविर में ग्रामीणों की जांच की गई और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।

शिविर में प्रदान की गई सेवाओं का दायरा काफी व्यापक रहा। ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, आधार कार्ड संशोधन, राशन कार्ड ई-केवाईसी और एलपीजी केवाईसी जैसी सुविधाएं दी गईं। इसके अतिरिक्त आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने के साथ-साथ समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया भी संपन्न की गई। स्वरोजगार और आजीविका योजनाओं की जानकारी देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। इन सेवाओं के मौके पर उपलब्ध होने से ग्रामीणों को जिला या तहसील मुख्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली।

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने कुल 35 समस्याएं प्रभारी सचिव के सम्मुख रखीं। डॉ. आर. राजेश कुमार ने तत्परता दिखाते हुए इनमें से 20 समस्याओं का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित कर दिया। शेष 15 समस्याओं के लिए उन्होंने संबंधित विभागों को समयसीमा निर्धारित करते हुए त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने प्रमुख रूप से पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी मांगें उठाईं। तल्ला नागपुर पेयजल पंपिंग योजना से पर्याप्त पानी न मिलने और कमेड़ा क्षेत्र में खतरनाक पेड़ों से घरों को होने वाले नुकसान की शिकायतें प्रमुख रहीं। इसके अलावा खराल तोक से क्यार्क तक पैदल मार्ग निर्माण, सड़क डामरीकरण और सोलर लाइट स्थापना की मांग भी की गई।

शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। ग्राम प्रधान ऊषा देवी ने खराल, चांदियूं और गढ़धार क्षेत्र को नगर पालिका में शामिल न करने का अनुरोध किया। वहीं, उमाशंकर सेमवाल नामक ग्रामीण ने लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा अब तक न मिलने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर प्रभारी सचिव ने नाराजगी जताते हुए विभाग को जल्द निस्तारण के आदेश दिए।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वे यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रतिनिधि के रूप में आए हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की पेंडेंसी स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार का विजन स्पष्ट है कि जनता की शिकायतों को भटकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे अपने आवेदनों और शिकायतों का फॉलोअप लेते रहें और यदि कहीं कोई अधिकारी लापरवाही बरतता है, तो इसकी सूचना वरिष्ठ प्रशासन को दें।

इस बहुउद्देशीय शिविर में जिला पंचायत सदस्य गंभीर सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान ऊषा देवी, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, एसडीओ फॉरेस्ट देवेंद्र पुंडीर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट और खंड विकास अधिकारी सुरेश शाह उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे, अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस, अधिशासी अभियंता मीनल गुलाटी, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा और तहसीलदार प्रणव पांडे सहित अन्य विभागीय अधिकारियों ने भी शिविर में प्रतिभाग किया।

अंत में प्रभारी सचिव ने दोहराया कि सुशासन की असली पहचान जनता के साथ सीधा संवाद और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान है। सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और “प्रशासन गांव की ओर” अभियान इसी दिशा में एक सफल कदम है। शिविर के सफल आयोजन से कमेड़ा और आसपास की न्याय पंचायतों के ग्रामीणों ने सरकार के प्रति संतोष व्यक्त किया है।

 

Pls read:Uttarakhand: सनातन संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र चेतना को समर्पित हरिद्वार का भव्य संत सम्मेलन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *