Uttarakhand: हल्द्वानी में टी-20 क्रिकेट लीग के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी का पर्दाफाश – The Hill News

Uttarakhand: हल्द्वानी में टी-20 क्रिकेट लीग के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी का पर्दाफाश

हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सितारों के नाम पर टी-20 क्रिकेट लीग कराने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। इस कथित क्रिकेट लीग ‘ईवीसीएल’ के मुख्य आयोजक विकास ढाका पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। गुरुवार सुबह जब आरोपी शहर के एक प्रतिष्ठित होटल से चुपचाप चेक आउट कर भागने की फिराक में था, तभी सतर्क पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। इस मामले में सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल और हरियाणा के एक कारोबारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजुनाथ टीसी से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ठगी का शिकार हुए लोगों का आरोप है कि क्रिकेट के प्रति दीवानगी का फायदा उठाकर आयोजक ने फ्रेंचाइजी और टीमें बेचने के नाम पर उनसे लाखों रुपए ऐंठ लिए।

हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दस साल के लंबे अंतराल के बाद पहली बार किसी बड़े टी-20 आयोजन का सपना दिखाया गया था। इसके लिए ईवीसीएल नामक कंपनी ने शहर के चप्पे-चप्पे पर बड़े-बड़े होर्डिंग और बैनर लगाकर भारी प्रचार-प्रसार किया था। विज्ञापनों में दावा किया गया था कि इस लीग में अंतरराष्ट्रीय स्तर के पूर्व क्रिकेट सितारे हिस्सा लेंगे। आयोजन को भव्य रूप देने के लिए स्टेडियम में काली मिट्टी से विशेष क्रिकेट पिचें भी तैयार करवाई गई थीं, जिससे निवेशकों और जनता के बीच इस आयोजन की विश्वसनीयता बढ़ गई थी। हालांकि, जैसे-जैसे आयोजन की तारीख करीब आई, आयोजकों के दावों की पोल खुलनी शुरू हो गई।

मूल योजना के अनुसार, यह क्रिकेट लीग जनवरी माह में आयोजित होनी थी, लेकिन बिना किसी स्पष्ट कारण के इसे स्थगित कर तीन फरवरी कर दिया गया। जब तीन फरवरी को भी खेल शुरू नहीं हो सका, तो टिकटों की बेहद कम बिक्री को देखते हुए आयोजक विकास ढाका ने एक नया पैंतरा चला। उन्होंने दावा किया कि कंपनी के एक पार्टनर की अचानक मौत हो गई है, जिसके कारण लीग को कुछ समय के लिए टाला जा रहा है। इसके बाद स्टेडियम से लाउडस्पीकर के जरिए घोषणा की गई कि लीग अब पांच फरवरी से शुरू होगी। लेकिन पांच फरवरी को भी जब कुछ नहीं हुआ और मीडिया ने आयोजकों से कड़े सवाल पूछे, तो उन्होंने पंद्रह दिन बाद लीग कराने का नया आश्वासन दे दिया।

आयोजकों की इस टालमटोल नीति से निवेशकों को ठगी का अहसास होने लगा। सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल ने गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुँचकर आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि आयोजक विकास ढाका ने उनसे ‘उत्तराखंड सोल्जर’ नामक टीम खरीदने के बदले पांच लाख रुपए लिए थे। नारायण पाल को यह लालच दिया गया था कि उनकी टीम की ओर से भारत के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी इरफान पठान खेलेंगे। इसी बड़े नाम के झांसे में आकर उन्होंने टीम खरीदी थी, लेकिन बाद में पता चला कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से कोई संपर्क ही नहीं किया गया था।

वहीं, हरियाणा निवासी और ‘यूपी वारियर्स’ टीम के ओनर हेमंत शर्मा ने भी विकास ढाका पर बड़े आर्थिक नुकसान का आरोप लगाया है। हेमंत शर्मा के अनुसार, टीम की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर उनसे 23 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि ली गई। सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद आयोजक ने उन्हें कोई आधिकारिक एग्रीमेंट या कानूनी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया। हेमंत ने बताया कि इस फर्जीवाड़े को सच दिखाने के लिए आयोजकों ने भारत के पांच अलग-अलग शहरों में बाकायदा खिलाड़ियों के ट्रायल आयोजित किए थे। ट्रायल के बाद खिलाड़ियों की बोली लगाई गई और उन्हें हजारों रुपए में ‘खरीदने’ का नाटक रचा गया, जिससे कई युवा खिलाड़ी भी इस धोखाधड़ी के जाल में फंस गए।

गुरुवार सुबह जब ठगी के पीड़ित हल्द्वानी पहुँचे, तो उन्हें सूचना मिली कि विकास ढाका होटल छोड़कर भागने की तैयारी में है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल के पास घेराबंदी की और आरोपी को हिरासत में ले लिया। एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने पीड़ितों से मुलाकात के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एसएसपी ने बताया कि पूर्व विधायक नारायण पाल और हेमंत शर्मा की तहरीर के आधार पर आरोपी विकास ढाका के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस खेल के पीछे और कौन-कौन से लोग शामिल हैं और क्या यह कोई संगठित गिरोह है जो खेल आयोजनों के नाम पर देश भर में ठगी करता है।

इस घटना ने हल्द्वानी के खेल प्रेमियों और उन स्थानीय व्यापारियों को भी बड़ा झटका दिया है जिन्होंने इस आयोजन में निवेश किया था या प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) के वादे किए थे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में क्रिकेट का रोमांच देखने का इंतजार कर रहे स्थानीय नागरिकों में भी इस फर्जीवाड़े को लेकर गहरा रोष है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और कंपनी के दस्तावेजों को खंगाल रही है ताकि ठगी गई रकम की बरामदगी की जा सके। यह मामला उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो बिना किसी आधिकारिक जांच-पड़ताल के बड़े नामों के झांसे में आकर करोड़ों का निवेश कर देते हैं। हल्द्वानी पुलिस इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए अब कड़ाई से पूछताछ कर रही है।

 

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