हल्द्वानी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने वाला और ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज बताया है। अपने दो दिवसीय नैनीताल भ्रमण के दौरान हल्द्वानी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं है, बल्कि यह आने वाले दशकों के लिए देश की आर्थिक और रणनीतिक नींव को मजबूत करने वाला है। मुख्यमंत्री ने इस दूरदर्शी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री ने बजट के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि पूंजीगत व्यय में की गई भारी वृद्धि देश के दीर्घकालिक विकास के लिए एक टिकाऊ आधारशिला रखेगी। उन्होंने कहा कि 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय यह प्रमाणित करता है कि केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे के विकास को आने वाली पीढ़ियों की ताकत मानती है। बजट में प्रस्तावित सात नए आर्थिक कॉरिडोर, आधुनिक परिवहन नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स ढांचे का विस्तार न केवल निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्रीय असंतुलन को भी दूर करेगा। विशेष रूप से दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे उच्च गति रेल कॉरिडोर और वाराणसी-हल्दिया जलमार्ग राष्ट्रीय एकता और व्यापार के नए मार्ग प्रशस्त करेंगे।
उत्तराखंड के संदर्भ में बजट के लाभों को रेखांकित करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य के समावेशी विकास के लिए इसमें विशेष प्रावधान किए गए हैं। केंद्रीय करों में उत्तराखंड की हिस्सेदारी ₹17,414.57 करोड़ तय की गई है, जिसके कारण प्रदेश को इस वर्ष ₹1,841.16 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि मिलेगी। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए दी जाने वाली विशेष सहायता योजना (स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट) के विस्तार का जो अनुरोध किया गया था, उसे भी केंद्र ने स्वीकार कर लिया है। इस मद में राशि को ₹1,44,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,85,000 करोड़ कर दिया गया है, जो उत्तराखंड जैसे विकासशील राज्य के लिए बड़ी राहत है।
रेलवे के क्षेत्र में उत्तराखंड को मिले बजट की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य को ₹4,769 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन प्राप्त हुआ है। यह राशि वर्ष 2009 से 2014 के बीच मिलने वाले औसत बजट की तुलना में लगभग 26 गुना अधिक है। वर्तमान में राज्य के भीतर ₹39,491 करोड़ की विभिन्न रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अपने अंतिम चरण में है। साथ ही, अमृत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। 100 प्रतिशत रेल विद्युतीकरण, कवच सुरक्षा प्रणाली और नए फ्लाईओवरों के निर्माण से राज्य में रेल कनेक्टिविटी का आधुनिक ढांचा तैयार हो रहा है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ योजना की सफलता के बाद अब महिलाओं को उद्यमिता की ओर ले जाने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक जिले में महिला छात्रावासों के निर्माण का निर्णय शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित होगा। युवाओं के लिए अवसर, बुजुर्गों का सम्मान और वंचित वर्गों के क्षमता निर्माण को बजट के तीन प्रमुख स्तंभों में शामिल किया गया है, जो ‘सबका साथ-सबका विकास’ की अवधारणा को चरितार्थ करते हैं।
पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड की असीमित संभावनाओं को देखते हुए बजट में विशेष प्रोत्साहनों की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे राज्य में रोजगार के नए और व्यापक अवसर पैदा होंगे। साथ ही, ग्रीन एनर्जी और ग्रीन इकोनॉमी पर सरकार का विशेष ध्यान उत्तराखंड जैसे संवेदनशील हिमालयी राज्य के सतत विकास के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। आयुष, फार्मा, खादी और एमएसएमई सेक्टर को मिलने वाले सहयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुँच बनाने में मदद मिलेगी।
शहरी विकास की चर्चा करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास की योजना से उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे प्रमुख शहरों को आधुनिक अवसंरचना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप है और इसमें राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किया गया है, जो देश के सहकारी संघवाद को और अधिक सशक्त बनाता है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘विश्वास आधारित शासन’ के माध्यम से निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे जनभागीदारी और आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा।
अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह बजट आत्मनिर्भरता से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ने का एक स्पष्ट मार्ग है। यह उत्तराखंड को निवेश, निर्यात, कौशल विकास और शहरी ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, यह बजट न केवल आंकड़ों का मेल है, बल्कि आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाने का एक ईमानदार प्रयास है, जो उत्तराखंड के उज्जवल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।