लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में आयोजित ‘यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था और औद्योगिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में सुरक्षा के वातावरण और पिछले कुछ वर्षों में आए बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अब दंगों और कर्फ्यू के दौर से बाहर निकलकर निवेश और विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों के कार्यकाल की तुलना वर्तमान स्थिति से करते हुए अपराधियों के खिलाफ अपनी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को विकास का आधार बताया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साल 2012 से 2017 के बीच का समय उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। उस पांच साल के कार्यकाल में राज्य ने 900 से अधिक दंगों का सामना किया। प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा शहर बचा होगा जहाँ सांप्रदायिक हिंसा के कारण कर्फ्यू न लगा हो। उस समय अराजकता का बोलबाला था और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। उन्होंने उस दौर की कड़वी सच्चाई को उजागर करते हुए बताया कि उस समय उत्तर प्रदेश में काम करने वाला कोई भी उद्यमी, डॉक्टर या व्यापारी ऐसा नहीं था जिसे ‘गुंडा टैक्स’ न देना पड़ा हो। अपराधियों का हौसला इतना बढ़ा हुआ था कि वे खुलेआम फिरौती और जबरन वसूली का धंधा चला रहे थे, जिससे प्रदेश के विकास की गति रुक गई थी।
अपने सत्ता संभालने के शुरुआती दिनों को याद करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती जनता के भीतर सुरक्षा का भाव जगाने की थी। राज्य के नागरिक डरे हुए थे और अपराधियों का प्रभाव प्रशासनिक व्यवस्था पर हावी था। उन्होंने बताया कि इस चुनौती से निपटने के लिए एक ऐसी नीति की आवश्यकता थी जो निष्पक्ष हो और बिना किसी भेदभाव के लागू हो सके। इसी विचार के साथ ‘जीरो टॉलरेंस’ का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की यह नीति सभी पर समान रूप से लागू होती है। कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करते समय यह नहीं देखा जाता कि सामने कौन है। यदि शासन से जुड़ा कोई अपना व्यक्ति भी गलत करता है, तो उस पर भी वही सख्त कार्रवाई की जाती है जो किसी पेशेवर माफिया या अपराधी पर की जाती है।
पुलिस की कार्यप्रणाली और मुठभेड़ों (एनकाउंटर) पर उठने वाले सवालों का भी योगी आदित्यनाथ ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने तर्क दिया कि कानून का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है, लेकिन जब कुछ लोग कानून से डरना बंद कर देते हैं, तो उन्हें कानून की ही भाषा में समझाना समय की मांग बन जाता है। उन्होंने उन लोगों पर कटाक्ष किया जो पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर लोग पूछते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई। इसके जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई दुर्दांत अपराधी पुलिस टीम पर हमला करता है या गोली चलाता है, तो पुलिस को अपनी रक्षा और कानून की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करनी ही होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस को हथियार केवल दिखाने के लिए नहीं दिए गए हैं, बल्कि उनका उद्देश्य अपराधियों के हमले का मुंहतोड़ जवाब देना है। पुलिस को यह अधिकार है कि वह अपनी रक्षा करे और अपराधियों को उसी भाषा में जवाब दे जिसे वे समझते हैं।
पिछले नौ वर्षों के दौरान उत्तर प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। राज्य में अब न तो दंगे होते हैं और न ही किसी भी शहर में कर्फ्यू लगाने की नौबत आती है। शांति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और अराजक तत्वों की हिम्मत नहीं है कि वे जनता को परेशान कर सकें। जबरन वसूली, फिरौती और ‘गुंडा टैक्स’ जैसी बातें अब अतीत का हिस्सा बन गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब राज्य में सुरक्षा और शांति का वातावरण बना, तो इसका सीधा असर निवेश पर पड़ा। जो उत्तर प्रदेश कभी अपनी खराब कानून-व्यवस्था के लिए जाना जाता था, आज वह देश और दुनिया के निवेशकों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, एक सुरक्षित परिवेश ने उद्यमियों और व्यापारियों के भीतर विश्वास पैदा किया है, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग लग रहे हैं और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने अंत में यह विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश की यह विकास यात्रा बिना किसी बाधा के जारी रहेगी। राज्य सरकार अपराधियों को कानून के दायरे में लाने और प्रदेश को भयमुक्त बनाने के अपने संकल्प पर अडिग है। इस कॉन्क्लेव के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि उत्तर प्रदेश न केवल अपनी औद्योगिक नीतियों में सुधार कर रहा है, बल्कि वह कानून के राज को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश आर्थिक प्रगति के मामले में देश का अग्रणी राज्य होगा, क्योंकि यहाँ अब कानून का डर अपराधियों में है और आम जनता सुरक्षित महसूस कर रही है।
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