Uttarakhand: भारतीय परंपराओं में निहित है विश्व की समस्याओं का समाधान- अमित शाह – The Hill News

Uttarakhand: भारतीय परंपराओं में निहित है विश्व की समस्याओं का समाधान- अमित शाह

हरिद्वार। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने गायत्री परिवार द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण के कार्यों की जमकर सराहना की। अमित शाह ने संस्था के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज के दौर में विश्व जिन समस्याओं से जूझ रहा है, उन सभी का समाधान भारतीय परंपराओं और मूल्यों में पहले से ही मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन संस्कृति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने का एक संपूर्ण और वैज्ञानिक मार्ग है।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि श्रीराम शर्मा आचार्य ने सनातन धर्म में समय के साथ आईं विकृतियों को दूर करने के लिए क्रांतिकारी कार्य किए। उन्होंने आध्यात्मिकता को केवल व्यक्तिगत साधना से बाहर निकालकर सामाजिक सरोकारों से जोड़ा। उनके प्रयासों से समाज में समानता, सांस्कृतिक एकता और अखंडता के मूल्यों को नई मजबूती मिली। गृह मंत्री ने आचार्य जी के उस विचार को रेखांकित किया जिसमें “व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और समाज निर्माण से राष्ट्र निर्माण” की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” का संदेश आज भी मानव कल्याण का सबसे प्रभावी मूल मंत्र है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह और युवाओं से इस संदेश को जीवन में उतारने और इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

गृह मंत्री ने पिछले दस वर्षों के दौरान देश में आए वैचारिक और कार्य-संस्कृति के बदलावों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक पटल पर भारत को उसकी समृद्ध विरासत और प्राचीन गौरव के संदर्भ में अत्यंत सम्मान के साथ देखा जा रहा है। स्वामी विवेकानंद और अरविंद घोष जैसे युगपुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि भारत का उत्कर्ष ही मानवता के उत्कर्ष का आधार बनेगा। उन्होंने देवभूमि हरिद्वार की महिमा बताते हुए कहा कि यहाँ की धरती पर कदम रखते ही एक अलग आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। गायत्री मंत्र के महत्व पर उन्होंने कहा कि यह मंत्र व्यक्ति के भीतर सद्भाव और राष्ट्र सेवा की चेतना जाग्रत करता है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे आत्म-सुधार की दिशा में काम करें, क्योंकि यही सबसे बड़ी सामाजिक सेवा है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर गायत्री परिवार की तुलना एक विशाल वटवृक्ष से की। उन्होंने कहा कि यह संस्था पूरी दुनिया में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार कर रही है और समाज को शांति व सकारात्मकता की छाया प्रदान कर रही है। धामी ने कहा कि वर्तमान समय में भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति, प्राचीन ज्ञान और विज्ञान को आधुनिक स्वरूप में पुनः स्थापित कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि सनातन संस्कृति का यह विशाल संदेश पूरी दुनिया तक पहुँचे, इसके लिए सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, गायत्री परिवार समाज में आध्यात्मिक जनजागरण की मशाल जलाए हुए है।

अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि चिन्मय पांड्या ने संस्थान के मूल दर्शन को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का उद्देश्य समाज से कटकर रहना नहीं, बल्कि समाज के भीतर रहकर ही मानव कल्याण और उत्थान के लिए कार्य करना है। उन्होंने बताया कि संस्थान वेदों, उपनिषदों और गीता की प्राचीन शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर आधुनिक तकनीक का भी समावेश कर रहा है। शिक्षा, प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण में गायत्री परिवार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए राष्ट्र धर्म की रक्षा करना अनिवार्य है।

इस भव्य शताब्दी समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह और स्थानीय विधायक मदन कौशिक सहित देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु और गायत्री साधक उपस्थित रहे। गृह मंत्री की इस यात्रा और उनके वक्तव्य ने आध्यात्मिक जगत में नई ऊर्जा का संचार किया है।

 

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