ऋषिकेश। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के पहले दिन बुधवार को ऋषिकेश पहुंचे। उनका यह दौरा धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमित शाह ने यहाँ गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित होने वाली प्रतिष्ठित मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी वर्ष समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह भव्य आयोजन ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम स्थित गीता भवन में दोपहर तीन बजे संपन्न हुआ, जहाँ देश की कई प्रमुख आध्यात्मिक और राजनीतिक हस्तियां एक मंच पर नजर आईं।
‘कल्याण’ पत्रिका के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में गृह मंत्री अमित शाह के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मंच की शोभा बढ़ाने वाली आध्यात्मिक हस्तियों में जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद सरस्वती और राम जन्म भूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज शामिल रहे। इनके अतिरिक्त स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी गोविंदानंद तीर्थ और गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस धार्मिक समागम के संपन्न होने के बाद अमित शाह का अगला पड़ाव हरिद्वार है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे बुधवार शाम को सड़क मार्ग से ऋषिकेश से हरिद्वार के लिए रवाना होंगे। गृह मंत्री के रात्रि विश्राम के लिए हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में विशेष प्रबंध किए गए हैं, जहाँ वे पूरी रात प्रवास करेंगे। सुरक्षा कारणों से ऋषिकेश से हरिद्वार तक के मार्ग पर पुलिस प्रशासन ने कड़ी चौकसी बरती है और काफिले की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
दौरे के दूसरे दिन, यानी गुरुवार को अमित शाह के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। वे गुरुवार सुबह सबसे पहले पतंजलि के नवनिर्मित ‘इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह अस्पताल हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक बड़ी सुविधा के रूप में देखा जा रहा है। अस्पताल के उद्घाटन के पश्चात गृह मंत्री गायत्री परिवार की ओर से आयोजित ‘शताब्दी वर्ष समारोह’ में भाग लेने के लिए रवाना होंगे। यह आयोजन भी आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से काफी बड़ा माना जा रहा है।
अमित शाह के इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। ऋषिकेश और हरिद्वार के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। गृह मंत्री के काफिले के मार्ग और आयोजन स्थलों के आसपास सघन तलाशी और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रखने के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया है ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।
गृह मंत्री का यह दौरा उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति केंद्र सरकार के जुड़ाव को प्रदर्शित करता है। गीता प्रेस और गायत्री परिवार जैसे संस्थानों के कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी देश की सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा संदेश मानी जा रही है। गुरुवार देर शाम अमित शाह का दिल्ली वापस लौटने का कार्यक्रम है। फिलहाल पूरा उत्तराखंड प्रशासन इस महत्वपूर्ण दौरे को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है।