देहरादून। उत्तराखंड में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और राज्य की आर्थिक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ी वित्तीय सौगात प्रदान की है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने ‘पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता’ योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के लिए 734 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय राज्य की प्रगति की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इस अतिरिक्त धनराशि के अलावा, केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भूमि सुधारों को प्रभावी बनाने और सुव्यवस्थित विकास कार्यों को गति देने के लिए 25 करोड़ रुपये की एक अलग विशेष राशि की भी स्वीकृति दी है।
केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को यह महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता राज्य में समयबद्ध तरीके से वित्तीय सुधारों को पूर्ण करने के प्रतिफल के रूप में दी गई है। राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा निर्धारित विभिन्न वित्तीय मानकों और सुधार कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया, जिसके आधार पर वित्त मंत्रालय ने यह अतिरिक्त बजट जारी करने का फैसला लिया। इस नई सहायता राशि को मिला दिया जाए, तो वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार अब तक उत्तराखंड को कुल 1,806.49 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय सहायता उपलब्ध करा चुकी है। इतनी बड़ी धनराशि का सीधा लाभ प्रदेश के विकास कार्यों में देखने को मिलेगा।
प्रशासनिक स्तर पर इस बजट का उपयोग राज्य के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने के लिए किया जाएगा। सरकार की योजना के अनुसार, इस राशि का मुख्य हिस्सा प्रदेश के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों में सड़कों के जाल को बिछाने और पुराने पुलों की मरम्मत व नए पुलों के निर्माण पर खर्च किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक निर्माण के अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स और शहरी सुविधाओं के विस्तार में भी यह बजट सहायक सिद्ध होगा। विशेष रूप से शहरी भूमि सुधारों के लिए आवंटित 25 करोड़ रुपये की राशि से नगरों का नियोजित विकास सुनिश्चित होगा। इस कदम से भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी और निवेशकों के लिए एक अनुकूल व सरल वातावरण तैयार हो सकेगा, जिससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बड़ी सौगात के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि केंद्र का यह सहयोग उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र से प्राप्त यह निरंतर वित्तीय सहायता इस दशक को ‘उत्तराखंड का दशक’ बनाने के उनके विजन को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य एक विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण करना है, जहाँ आधुनिक बुनियादी ढांचा हर नागरिक की सुविधा का आधार बने।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी पूंजीगत सहायता से राज्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। जब निर्माण कार्यों में तेजी आएगी, तो स्थानीय स्तर पर मजदूरों, इंजीनियरों और व्यापारिक संस्थानों को काम मिलेगा, जिससे राज्य की आंतरिक अर्थव्यवस्था को गति प्राप्त होगी। शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास की प्रक्रिया शुरू होने से भविष्य की जनसंख्या और यातायात के दबाव को संभालने में भी मदद मिलेगी। उत्तराखंड सरकार अब इस स्वीकृत बजट के प्रभावी और पारदर्शी उपयोग के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने में जुट गई है ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सके। केंद्र और राज्य के इस साझा प्रयास से देवभूमि के भविष्य की एक उज्ज्वल तस्वीर उभरती नजर आ रही है।
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