US: रूस से तेल खरीदने पर ट्रंप ने भारत को टैरिफ बढ़ाने की दी धमकी और कहा मोदी जानते थे मैं खुश नहीं हूं

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को लेकर सख्त तेवर दिखाए हैं और व्यापारिक रिश्तों में तल्खी के संकेत दिए हैं। भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता के बीच ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर भारत रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका की मदद नहीं करता है तो भारतीय सामानों पर लगाए गए टैरिफ को और बढ़ाया जा सकता है। ट्रंप का इशारा साफ तौर पर भारत और रूस के बीच चल रहे तेल व्यापार की ओर था जिसका उनका प्रशासन लंबे समय से विरोध करता आ रहा है।

सोमवार को दिए गए अपने बयान में ट्रंप ने याद दिलाया कि अगस्त 2025 में इसी मुद्दे को लेकर भारत पर टैरिफ दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया गया था। अमेरिका का लगातार आरोप रहा है कि रूस को तेल से होने वाली कमाई का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध में हो रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक ट्रंप ने दो टूक कहा कि अगर वे रूसी तेल के मुद्दे पर मदद नहीं करते तो हम भारत पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं।

अपने संबोधन में ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए उन्हें एक अच्छा आदमी बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि मोदी जानते थे कि अमेरिकी राष्ट्रपति खुश नहीं हैं। व्हाइट हाउस की तरफ से जारी किए गए एक ऑडियो में ट्रंप को यह कहते हुए सुना गया कि मोदी जानते थे कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना जरूरी था। उन्होंने कहा कि वे व्यापार करते हैं और हम बहुत जल्दी उन पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह बयान ट्रंप ने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका के अगले कदमों पर चर्चा के दौरान दिया जिसमें तेल एक अहम मुद्दा था।

ट्रंप के ये ताजा बयान उनके उस दावे के कुछ महीनों बाद आए हैं जब उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। अक्टूबर में ट्रंप ने दावा किया था कि अब कोई तेल व्यापार नहीं होगा। हालांकि भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था और कहा था कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई थी। भारत का कहना है कि उसकी ऊर्जा नीति बाजार की स्थितियों और भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों के हिसाब से तय होती है।

ट्रंप की इस नई चेतावनी से भारत अमेरिका रिश्तों में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ी नरमी देखी गई थी और ट्रंप ने मोदी को अपना दोस्त बताया था। लेकिन रूस से तेल खरीद का मुद्दा दोनों देशों के बीच एक संवेदनशील विषय बना हुआ है। रूस इस समय भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है और ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि भारत रूसी तेल सस्ते में खरीदकर मुनाफा कमा रहा है।

 

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