जयपुर। भारतीय सेना ने अपनी ताकत को बढ़ाते हुए आधुनिक युद्ध और सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक विशेष सैन्य बल तैयार किया है। राजस्थान के नसीराबाद की सैनिक छावनी में इस खास फोर्स का गठन किया गया है जिसे भैरव बटालियन का नाम दिया गया है। यह बटालियन अपनी ताकत और तैयारियों का प्रदर्शन 15 जनवरी को जयपुर में आयोजित होने वाली आर्मी डे परेड में करेगी। सेना का मकसद है कि बदलती युद्ध तकनीकों और खतरों से निपटने के लिए एक ऐसा दस्ता तैयार रहे जो हर मोर्चे पर दुश्मन को मात दे सके।
भैरव बटालियन के साथ ही सेना ने विशेष ड्रोन ऑपरेटर्स भी तैयार किए हैं। इन ऑपरेटर्स को ड्रोन उड़ाने से लेकर दुश्मन के ठिकानों की सटीक पहचान करने और उन पर अचूक निशाना लगाने का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है। असली ऑपरेशन में ड्रोन का इस्तेमाल कैसे किया जाए इसकी बारीकियां भी उन्हें सिखाई गई हैं। माना जा रहा है कि इससे सेना की निगरानी और मारक क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी।
जानकारी के मुताबिक आधुनिक दौर में युद्ध लड़ने के तरीकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। इन्हीं बदलावों को ध्यान में रखते हुए भैरव फोर्स के जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है। यह फोर्स न केवल सेना को नई और आधुनिक तकनीकों से लैस करेगी बल्कि दुश्मन पर अत्याधुनिक तरीके से निगरानी रखते हुए उस पर वार करने में भी सक्षम होगी। भैरव बटालियन को नई सोच, नई तकनीक और नई ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से ढाला गया है ताकि भविष्य के किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
रेगिस्तानी इलाकों में लड़ने की चुनौतियां अलग होती हैं और वहां कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए भैरव फोर्स के जवानों को खास तौर पर प्रशिक्षित किया गया है। सेना का मानना है कि आने वाले समय में भैरव बटालियन एक तीव्र, सक्षम और निर्णायक शक्ति साबित होगी। इस बटालियन को विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले ऑपरेशंस के लिए तैयार किया गया है जहां गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती। जयपुर की परेड में इस बटालियन की झलक देखना देशवासियों के लिए गर्व का पल होगा।