चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा में सुधारों के नाम पर जानबूझकर जनता को गुमराह कर रही है। चीमा ने दावा किया कि केंद्र सरकार पर 23 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है जो भाजपा के सुधारों के दावों की असलियत को बेनकाब करने के लिए काफी है।
बुधवार को पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के वित्तीय बोझ का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्यों पर डाल दिया है और स्कीम के अधिकार आधारित ढांचे को अंदर से खोखला कर दिया है। उनका कहना है कि भाजपा ने असल में रोजगार गारंटी को खत्म कर दिया है जो भारत के संघीय ढांचे को कमजोर करने की एक साजिश है।
हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे अपनी कार्रवाइयों को जायज ठहराने के लिए संसदीय स्थाई कमेटी की रिपोर्ट का गलत हवाला दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सप्तगिरी शंकर उलाका की अध्यक्षता वाली कमेटी ने कभी भी धर्म के आधार पर बदलाव की सिफारिश नहीं की थी बल्कि पेंडिंग फंड को तुरंत जारी करने की अपील की थी। मंत्री ने खुलासा किया कि केंद्र सरकार पर मजदूरों की 12 हजार 219 करोड़ रुपये की अवैतनिक मजदूरी और पंचायतों के 11 हजार 227 करोड़ रुपये के मटीरियल खर्च का बकाया है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा को एक नए फ्रेमवर्क से बदला जा रहा है जिसमें प्रोजेक्ट प्रस्तावों के लिए केंद्र से पहले मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा मोबाइल लोकेशन आधारित हाजिरी जैसी शर्तें उन मजदूरों को बाहर करने के लिए बनाई गई हैं जिनके पास उच्च तकनीकी साधन नहीं हैं।
चीमा ने कांग्रेस पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इन दमनकारी नीतियों के खिलाफ विधानसभा में औपचारिक प्रस्ताव पास करने वाली देश की पहली सरकार बन गई है जबकि कांग्रेस शासित राज्य चुप बैठे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा नई स्कीम के लिए बजट रखने की बात को भाजपा के एजेंडे का अंदरूनी समर्थन बताया। वित्त मंत्री ने मांग की कि देश के गरीबों के सम्मान और जीवन को सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा को उसके असली रूप में बहाल किया जाए और सारी बकाया राशि तुरंत जारी की जाए।