Himachal: कांगड़ा में मुख्यमंत्री सुक्खू ने चिट्टा तस्करों के खिलाफ छेड़ी जंग और इंदौरा उत्सव को जिलास्तरीय दर्जा देने का किया एलान – The Hill News

Himachal: कांगड़ा में मुख्यमंत्री सुक्खू ने चिट्टा तस्करों के खिलाफ छेड़ी जंग और इंदौरा उत्सव को जिलास्तरीय दर्जा देने का किया एलान

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शुक्रवार को कांगड़ा जिले के ऐतिहासिक इंदौरा उत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नशे के खिलाफ सरकार की मुहिम को तेज करते हुए चिट्टे के खिलाफ आयोजित वाकाथान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में उनके साथ कृषि मंत्री चंद्र कुमार और राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए नशा तस्करों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि अगले छह महीनों के भीतर प्रदेश में चिट्टा तस्करों की अवैध संपत्ति को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार नशा तस्करों और अंतरराज्यीय गिरोहों की रीढ़ तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशे के काले कारोबार से कमाया गया एक एक पैसा जब्त किया जाएगा। सरकार अब तक कार्रवाई करते हुए 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को जब्त कर चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नशे के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान ‘चिट्टामुक्त हिमाचल अभियान’ शुरू किया गया है जो अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री ने इंदौरा उत्सव की थीम ‘चिट्टामुक्त हिमाचल’ रखने के लिए आयोजकों की जमकर सराहना की।

रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य चयन आयोग के माध्यम से जल्द ही विभिन्न सरकारी पदों पर हजारों भर्तियां शुरू की जाएंगी। सुक्खू ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि वर्षों से लटके राजस्व मामलों का निपटारा करने के लिए विशेष अदालतों की शुरुआत की गई थी जिसके सार्थक परिणाम सामने आए हैं। अब तक रिकॉर्ड 4 लाख 63 हजार राजस्व मामलों का निपटारा किया जा चुका है जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री ने आर्थिक मोर्चे पर सरकार की सफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में सरकार ने कानूनी लड़ाई जीती है जिससे प्रदेश को हर साल 20 करोड़ रुपये की आय होगी। इसके अलावा कड़छम वांगतू परियोजना से भी राज्य को हर साल 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी। क्षेत्र के सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि इंदौरा उत्सव को जल्द ही जिलास्तरीय उत्सव का दर्जा दिया जाएगा और इसकी अधिसूचना शीघ्र जारी कर दी जाएगी। इस घोषणा से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

 

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