पंजाब की राजनीति में आरोप और प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया के जरिए अमरिंदर सिंह पर सीधा हमला बोला है और उनसे उनके कार्यकाल के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू की फाइलों को रोकने को लेकर सवाल किए हैं। यह पूरा मामला अमरिंदर सिंह के उन बयानों के बाद गरमाया है जिसमें उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
दरअसल इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एक बयान में कहा था कि जब नवजोत सिंह सिद्धू उनकी सरकार में कैबिनेट मंत्री थे तो उन्होंने सात महीने तक किसी भी फाइल को क्लियर नहीं किया था। अमरिंदर सिंह का कहना था कि फाइलों के अटके रहने की वजह से उस समय के मुख्य सचिव ने उनसे शिकायत की थी कि कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसी कारण से उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू का विभाग बदल दिया था।
अमरिंदर सिंह के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखा। उन्होंने अमरिंदर सिंह से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि आखिर उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू की उन फाइलों को क्यों रोका जो पंजाब के विकास के लिए बेहद जरूरी थीं। नवजोत कौर ने उन तमाम प्रोजेक्ट्स और नीतियों की एक लंबी सूची गिनाई है जिन्हें लेकर उनका दावा है कि अमरिंदर सिंह ने उन्हें मंजूरी नहीं दी।
नवजोत कौर सिद्धू ने अपने पोस्ट में जिन अहम मुद्दों का जिक्र किया है उनमें माइनिंग पॉलिसी और लिकर पॉलिसी शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने ट्रैवल और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने वाली फाइलों का भी जिक्र किया। नवजोत कौर ने सवाल उठाया कि अमृतसर गोंडोला प्रोजेक्ट और गारबेज डिस्पोजल प्रोजेक्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को क्यों रोका गया। उनका कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू नेशनल साइट्स पर टेंडर लगाकर लोकल बॉडीज में पारदर्शिता लाना चाहते थे। इसके अलावा फिल्म सिटी प्रोजेक्ट्स, वाटर स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट्स और रंजीत एवेन्यू में स्पोर्ट्स पार्क बनाने जैसे कई विकास कार्य थे जो फाइलों के क्लियर न होने की वजह से अटक गए।
नवजोत कौर सिद्धू के इन गंभीर आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी तुरंत पलटवार किया है। अमरिंदर सिंह ने नवजोत कौर के दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू और नवजोत कौर सिद्धू दोनों ही अस्थिर स्वभाव के हैं और उन्होंने इन दोनों को लंबे समय से देखा है। अमरिंदर सिंह ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू उनके मंत्री थे और उन्हें दो-दो विभाग देने के बावजूद वे लगातार शिकायतें ही करते रहते थे।
अमरिंदर सिंह ने आगे बताया कि शिकायतों के बाद उन्होंने सिद्धू को बिजली विभाग जैसा महत्वपूर्ण महकमा भी दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और कभी भी अपनी जिम्मेदारी नहीं संभाली। अमरिंदर सिंह ने जोर देकर कहा कि सिद्धू की फाइलें महीनों तक लंबित रहती थीं और वे मंत्री पद के लिए उपयुक्त नहीं थे। इसके साथ ही अमरिंदर सिंह ने उस दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि मुख्यमंत्री पद के लिए 500 करोड़ रुपये देने की बात हुई थी। अमरिंदर सिंह ने इसे सरासर झूठ करार दिया है।
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