रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम में सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और नशा करके हुड़दंग मचाने वालों पर पुलिस ने सख्ती करनी शुरू कर दी है। अब तक धाम के प्रतिबंधित क्षेत्र में रील्स बनाने वालों के खिलाफ 84 चालान जारी किए गए हैं, जबकि हुड़दंग मचाने वाले 59 लोगों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे ने बताया कि केदारनाथ धाम के 50 मीटर की परिधि में रील और वीडियो बनाना प्रतिबंधित है। शुक्रवार को धाम के प्रतिबंधित क्षेत्र में रील बना रहे चार लोगों को पकड़कर चालान किया गया। इससे पहले 80 लोगों को प्रतिबंधित क्षेत्र में रील्स और वीडियो बनाते हुए पकड़ कर चालान किया गया है। नशे का सेवन कर धाम में उत्पात मचाने वालों के खिलाफ भी रुद्रप्रयाग पुलिस ऑपरेशन मर्यादा चला रही है। शुक्रवार को नशा कर हुड़दंग करने वाले 59 लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है। मुख्य बिंदु: केदारनाथ धाम में रील्स और वीडियो बनाने पर 50 मीटर की परिधि में रोक। 84 लोगों पर रील्स बनाने के लिए चालान जारी। 59 लोगों पर नशे का सेवन कर हुड़दंग मचाने के लिए चालान जारी। रुद्रप्रयाग पुलिस ऑपरेशन मर्यादा चला रही है। यह कदम धाम की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। पुलिस द्वारा सख्ती से कार्रवाई करने के बाद अब धाम में रील्स और नशा पर लगाम लगने की उम्मीद है। pls read:Uttarakhand: यमुनोत्री और गंगोत्री धाम…
Category: उत्तराखंड
Uttarakhand: यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में यात्रा व्यवस्थाओं की रियलटाइम मॉनिटरिंग
-गंगोत्री धाम में पूजा घाट से लेकर मंदिर दर्शन तक की सुगम व्यवस्था -श्री पांच गंगोत्री…
Uttarakhand: चारधाम यात्रा में अभी तक 52 लोगों की मौत, ज्यादातर मामले हृदयघात के- आयुक्त गढ़वाल
चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार किये जा रहे हैं प्रयास –…
Uttarakhand: अपनी जिम्मेदारियो का निर्वहन करें अधिकारी, चारधाम यात्रा में लापरवाही पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई : सीएम धामी
चारधाम यात्रा की निरंतर मॉनिटरिंग के लिए एसीएस आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में कमेटी गठन के…
Uttarakhand: धामों, यात्रा मार्गां एवं ठहराव स्थलों में यात्रियों की रिर्पोट प्रतिदिन गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने केन्द्रीय गृह सचिव को दिया चारधाम यात्रा का अपडेट एनडीआरएफ व…
Uttarakhand: बदरीनाथ में रील्स बना रहे 15 लोगों का चालान, मोबाइल जब्त
बद्रीनाथ। प्रतिबंध के बाद भी रील्स और वीडियो बनाना श्रद्धालुओं को भारी पड़ गया। पुलिस ने…
HC: नैनीताल हाईकोर्ट का आदेश, एक साल में हो पूरे प्रदेश में रेगुलर पुलिस की व्यवस्था
नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में राज्य में राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए दायर जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार को एक साल के भीतर पूरे प्रदेश में रेगुलर पुलिस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सरकार ने कई क्षेत्रों में राजस्व पुलिस के स्थान पर रेगुलर पुलिस की व्यवस्था कर दी है, शेष क्षेत्रों में रेगुलर पुलिस व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रक्रिया जारी है। दरअसल, वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने भी नवीन चंद्र बनाम राज्य सरकार से संबंधित मामले में राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त करने की आवश्यकता महसूस की थी। राजस्व पुलिस की सीमाएं इस केस में कहा गया था कि राजस्व पुलिस को सिविल पुलिस की तरह प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। यही नहीं, राजस्व पुलिस के पास आधुनिक साधन जैसे डीएनए जांच, रक्त परीक्षण, फोरेंसिक जांच, फिंगर प्रिंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होती हैं। इन सुविधाओं के अभाव में अपराधों की विवेचना करने में परेशानियां होती हैं। कोर्ट ने यह भी कहा था कि राज्य में नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था लागू होनी चाहिए। हाई कोर्ट का आदेश इधर हाई कोर्ट ने भी सरकार को राजस्व पुलिस व्यवस्था को लेकर वर्ष 2018 में कई दिशा निर्देश दिए थे, लेकिन आदेश का सरकार की ओर से पूरी तरह अनुपालन नहीं किया गया। याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया कि पूर्व में दिए आदेश का अनुपालन करवाया जाए। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ऋतु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने समाधान, कृष्णा विहार जाखन देहरादून नामक संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए सरकार को एक साल के भीतर सभी राजस्व क्षेत्रों में राजस्व पुलिस व्यवस्था समाप्त करते हुए रेगुलर पुलिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। आगे का कदम इस आदेश के साथ, उत्तराखंड सरकार को अब पूरे राज्य में एक समान कानून व्यवस्था लागू करने के लिए कार्य करना होगा। यह कदम राज्य के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण वातावरण बनाने में मदद करेगा।
SC: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, देहरादून में गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि होगी नीलाम, भूमाफिया में खलबली
देहरादून: गोल्डन फॉरेस्ट की 1,484 करोड़ रुपये की हजारों बीघा भूमि/संपत्ति की नीलामी की तरफ सुप्रीम कोर्ट ने एक और कदम बढ़ा दिया है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि संपत्ति की नीलामी पैन इंडिया (अखिल भारतीय) स्तर पर की जाएगी। अब ताजा सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि तीन पार्टियों ने नीलामी में दिलचस्पी दिखाई है। इस वजह से जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने उत्तराखंड सरकार को गोल्डन फॉरेस्ट की संपत्तियों पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। भूमाफिया में खलबली सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से भूमाफिया और अफसरों में खलबली की स्थिति है। क्योंकि, गोल्डन फॉरेस्ट के जिस अध्याय को अब तक समाप्त माना जा रहा था, उसकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अधिकारियों की मुश्किल बढ़ सकती है साथ ही, उन अधिकारियों की मुश्किल भी बढ़ सकती है, जिन्होंने गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि को खुर्द–बुर्द होने दिया। सुप्रीम कोर्ट इसलिए भी गोल्डन फॉरेस्ट की संपत्तियों की नीलामी की दिशा में कार्रवाई तेज कर रहा है, ताकि जिन व्यक्तियों ने गोल्डन फॉरेस्ट की कंपनियों में पैसा लगाया है, उन्हें उनकी धनराशि वापस दिलाई जा सके। आयकर विभाग ने मूल्यांकन किया सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश पर आयकर विभाग ने गोल्डन फॉरेस्ट की देहरादून जिले में स्थित भूमि का भी मूल्यांकन कराया था। जिसमें आयकर विभाग ने संपत्ति का मूल्य 1,484 करोड़ रुपये से अधिक आका है। यह रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। तीन पार्टियों ने दिखाई दिलचस्पी अब यह बात सामने आई है कि उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों में स्थित गोल्डन फॉरेस्ट की संपत्तियों की नीलामी में तीन पार्टियों ने दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, अन्य पार्टियों के लिए भी रास्ता खुला रखा गया है। यथास्थिति बनी रहेगी सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि गोल्डन फॉरेस्ट की संपत्तियों की नीलामी जहां जैसा है, के आधार पर की जाएगी। इसका आशय यह हुआ कि संपत्ति की जो भी स्थिति होगी, उसे उसी रूप में बोली में शामिल किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कोई भूमि किसी मुकदमेबाजी के अधीन है, तो बोली उसी जोखिम के साथ कराई जाएगी। Pls read:Uttarakhand:…
Uttarakhand: बीते चौबीस घंटों में गढ़वाल में 23 वनाग्नि की घटनाएं
देहरादून। प्रदेश में बीते 24 घंटे में वनाग्नि की 23 घटनाएं सामने आई हैं। लगातार आग…
Uttarakhand: चारधाम यात्रियों की सुविधा के लिए ई-स्वास्थ्य धाम एप की शुरूआत
*स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह-जगह पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी 50 वर्ष से अधिक आयु…