Uttarakhand: देहरादून के गोविंदगढ़ में 15 झोपड़ियों में आग लगने का मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान

-जिलाधिकारी को यथासंभव मदद उपलब्ध कराने के दिये सीएम ने निर्देश -सीएम के निर्देशों के क्रम…

Uttarakhand: नेपाली मजदूर समेत जंगल में आग लगाते सात गिरफ्तार

लैंसडौन (उत्तराखंड): वन विभाग की टीम ने अलग–अलग वन क्षेत्रों में आग लगाने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी नेपाली मूल का मजदूर है। आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। लैंसडौन में नेपाली मजदूर गिरफ्तार: भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन के वनकर्मियों ने एक नेपाली मजदूर को जंगल में आग लगाते हुए रंगे हाथों पकड़ा। उसके तीन साथियों ने भी उसके खिलाफ बयान दिया है। आरोपी के पास से गैस लाइटर बरामद हुआ है। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है और उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। खिर्सू में पांच आरोपी गिरफ्तार: आरक्षित वन क्षेत्र में आग लगाते हुए पांच लोगों को वन विभाग ने गिरफ्तार किया है। विभाग आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रहा है। वन विभाग की अपील: वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगलों में आग न लगाएं और वनों की सुरक्षा में सहयोग करें।   Pls read:Uttarakhand: उत्तराखंड बोर्ड…

Uttarakhand: उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं के नतीजे कल होंगे घोषित, ऐसे देंखे

उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं के नतीजे कल होंगे घोषित देहरादून: उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम कल यानी 30 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट ने बताया कि रिजल्ट जारी करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुबह 11:30 बजे नतीजे घोषित किए जाएंगे। कितने छात्रों ने दी परीक्षा? इस साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में कुल 2 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। 12वीं की परीक्षाएं 27 फरवरी से 16 मार्च तक आयोजित की गई थीं। बोर्ड द्वारा सभी स्ट्रीम (विज्ञान, कला, वाणिज्य) के नतीजे एक साथ घोषित किए जाएंगे। ऐसे देखें अपना रिजल्ट: उत्तराखंड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ubse.uk.gov.in पर जाएं। होम पेज पर “UK Board 10th/12th Result 2024“ लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर डालें और सबमिट करें। आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा। रिजल्ट डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लें। अंक सुधार परीक्षा के नतीजे भी होंगे जारी: 30 अप्रैल को ही अंक सुधार द्वितीय परीक्षा के नतीजे भी घोषित किए जाएंगे।     Pls read:Uttarakhand:…

Uttarakhand: गंगा नदी में डूबे दो पर्यटक, चार को बचाया

ऋषिकेश (उत्तराखंड): रविवार को ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र में मस्तराम बाबा घाट पर गंगा नदी में नहाते समय दो पर्यटक डूब गए। दोनों नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। क्या हुआ? आठ पर्यटकों का एक समूह नदी में नहा रहा था तभी उनमें से छह डूबने लगे। पुलिस और एसडीआरएफ ने चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया, जिनमें से एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। लापता पर्यटकों की पहचान नेहा (29 वर्ष, पीलीभीत) और साहिल गुप्ता (32 वर्ष, नोएडा) के रूप में हुई है। उनके साथियों ने बताया कि वे सभी आपस में रिश्तेदार और दोस्त हैं। तलाशी अभियान जारी: एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि लापता पर्यटकों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।   Pls read:Uttarakhand: देहरादून में एक साथ फटे…

Uttarakhand: नैनीताल में वायुसेना ने संभाला मोर्चा, हेलीकाप्टर से बुझाई जंगल की आग

नैनीताल – उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वायुसेना ने मोर्चा संभाल लिया है। नैनीताल के लड़ियाकांटा क्षेत्र में लगी आग एयरफोर्स स्टेशन की तरफ बढ़ रही थी, जिस पर काबू पाने के लिए वन विभाग और सेना के प्रयास नाकाफी साबित हुए। इस स्थिति में वायुसेना ने हेलीकॉप्टर की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। हेलीकॉप्टर से पानी की बौछार: शुक्रवार शाम को दो हेलीकॉप्टर नैनीताल पहुँचे थे। शनिवार सुबह 7:30 बजे से हेलीकॉप्टरों ने भीमताल झील से पानी भरकर जंगल में बौछार शुरू की। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पानी की आवश्यकता के लिए नौकायन बंद: प्रशासन ने पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए नैनीताल, भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल झील में नौकायन पर रोक लगा दी। कुमाऊँ के अन्य जंगलों में भी मदद की संभावना: प्रशासन के अनुसार कुमाऊँ क्षेत्र के अन्य जंगलों में भी स्थिति बिगड़ने पर वायुसेना की मदद ली जा सकती है। इससे पहले 2016 में भी उत्तराखंड में जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए वायुसेना की मदद ली गई थी। सारांश: वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से नैनीताल के लड़ियाकांटा क्षेत्र में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। यह घटना उत्तराखंड में जंगलों में लगने वाली आग की गंभीरता को दर्शाती है और आपदा प्रबंधन में वायुसेना की भूमिका को रेखांकित करती है।   pls read:Uttarakhand: उत्तराखंड…

Uttarakhand: उत्तराखंड में मई-जून में हीट वेव का अलर्ट, बचाव के उपायों पर जोर

देहरादून – उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने हीट वेव को लेकर आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यशाला में चेतावनी दी है कि मई–जून महीने में उत्तराखंड में हीट वेव का प्रकोप देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने कार्यशाला में हीट वेव के विभिन्न चरणों और बचाव के तरीकों पर जानकारी दी। हीट वेव की स्थिति: मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने पर हीट वेव की स्थिति बनती है। लगातार दो दिनों तक सामान्य से 4.5 से 6.5 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान रहने पर हानिकारक हीट वेव या लू चलने की संभावना होती है। गर्म हवा की लंबे समय तक मौजूदगी, ऊपरी वायुमंडल में नमी की कमी और साफ आसमान भी हीट वेव की स्थिति पैदा कर सकते हैं। बचाव के उपाय: स्वास्थ्य विभाग की डॉ. सुजाता ने अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय सुझाए हैं: खूब पानी पिएं, प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें। हल्के रंग के ढीले–ढाले सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलने से बचें, खासकर दोपहर के समय। धूप में निकलना ज़रूरी हो तो सिर को ढककर रखें, धूप का चश्मा और छाता का उपयोग करें। अधिक समय तक बाहर रहने से बचें, ठंडी जगह पर आराम करें। तरल पदार्थों का सेवन करें, जैसे नींबू पानी, छाछ, लस्सी आदि। ताज़े फल और सब्जियों का सेवन करें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से बचें, ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं। अगर चक्कर आना, सिरदर्द, जी मिचलाना, शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।…

Chardham Yatra: तैयारियों पर मुख्यमंत्री धामी की बैठक, अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश

  देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। मुख्य निर्देश: सचिवों द्वारा स्थलीय निरीक्षण: सभी विभागों के सचिवों को यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साप्ताहिक समीक्षा बैठक: मुख्य सचिव हर हफ्ते चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक करेंगी। डीजीपी द्वारा निरीक्षण: डीजीपी को भी यात्रा से पहले स्थलीय निरीक्षण कर पुलिस और कानून व्यवस्था का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं: यात्रा मार्ग पर बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए जगह–जगह प्राइवेट हेल्थकेयर टेस्टिंग किट की व्यवस्था की जाएगी। प्लास्टिक और कूड़ा प्रबंधन: यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक और कूड़ा प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जाएंगी। घोड़े–खच्चर चालकों का वेरिफिकेशन: घोड़े और खच्चर चालकों का वेरिफिकेशन कराया जाएगा और उनका पुलिस और आपराधिक रिकॉर्ड चेक किया जाएगा। घोड़े–खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा। श्रद्धालुओं से शालीनतापूर्ण व्यवहार: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से शालीनतापूर्ण व्यवहार किया जाए। अन्य व्यवस्थाएं: यात्रा मार्गों पर विद्युत, पेयजल, सड़क, शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट मोड पर रहने और वाहन चालकों के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सूचना तंत्र: श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं समय पर मिल सकें, इसके लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया जाएगा। सोशल मीडिया का बेहतर उपयोग किया जाएगा। निर्देशिका: होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे में चारधाम यात्रा से संबंधित निर्देशिका विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएगी। वनाग्नि पर भी नजर: मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के साथ ही वनाग्नि को रोकना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने वन विभाग और अन्य विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और वनाग्नि की रोकथाम के लिए सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। चारधाम यात्रा की तिथियाँ:…

Uttarakhand: उत्तराखंड में बिजली हुई महंगी, आम आदमी को 7 फीसद तक का झटका

उत्तराखंड: प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में करीब 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई दरें आज से ही लागू हो गई हैं। कितनी बढ़ी दरें? घरेलू उपभोक्ता: 100 यूनिट तक: 25 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी 101 से 200 यूनिट: 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी 201 से 400 यूनिट: 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी सोलर वॉटर हीटर: 75 रुपये प्रति 50 लीटर की छूट जारी रहेगी। किनको राहत? बीपीएल परिवार: प्रदेश के लगभग 4.5 लाख बीपीएल परिवारों के लिए बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्नो बाउंड क्षेत्र: बर्फ़बारी से प्रभावित क्षेत्रों में भी बिजली की दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। फिक्स्ड चार्ज: किसी भी श्रेणी के लिए फिक्स्ड चार्ज में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।     Pls read:Uttarakhand: हेडमास्टर…

Uttarakhand: उत्तराखंड में जंगल की आग बेकाबू, 24 घंटे में 54 घटनाएं

देहरादून: उत्तराखंड में जंगलों में आग का तांडव जारी है। शुष्क मौसम और तेज धूप के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। पिछले 24 घंटों में राज्य में आग की 54 नई घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें लगभग 75 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर खाक हो गया है। आग की विकराल स्थिति: फायर सीजन में अब तक 544 घटनाएं: इस फायर सीजन में अब तक राज्य में कुल 544 जगहों पर आग लग चुकी है, जिससे 657 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। कुमाऊं और वन्यजीव क्षेत्र में दो लोग झुलसे: आग की चपेट में आने से कुमाऊं और वन्यजीव क्षेत्र में दो लोग झुलस गए हैं। कई जिलों में आग का प्रकोप: नई टिहरी, रानीखेत, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नरेंद्रनगर, उत्तरकाशी, तराई पूर्वी, लैंसडौन, हल्द्वानी, रामनगर, रुद्रप्रयाग, केदारनाथ वन प्रभाग, कालागढ़ टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में आग की घटनाएं सामने आई हैं। वन विभाग की कोशिशें: कंट्रोल रूम स्थापित: वन विभाग ने आग पर नियंत्रण के लिए मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। हेल्पलाइन नंबर जारी: लोगों से आग की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 18001804141, 01352744558 जारी किए गए हैं। इसके अलावा 9389337488 और 7668304788 पर व्हाट्सएप के माध्यम से भी सूचना दी जा सकती है। राज्य आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क: आग लगने की स्थिति में लोग राज्य आपदा कंट्रोल रूम देहरादून को 9557444486 और हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी सूचित कर सकते हैं। उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग ने चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग आग बुझाने के प्रयास में जुटा है, लेकिन आग की विकरालता को देखते हुए स्थिति गंभीर बनी हुई है।   यह पढ़ेंःUttarakhand: उत्तराखंड में महज…

Uttarakhandऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग पर भूस्खलन से आवागमन ठप, बाराती फंसे

कंडीसौड़ (उत्तराखंड): ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यांसू के पास बुधवार सुबह भूस्खलन के कारण लगभग साढ़े तीन घंटे तक आवागमन ठप रहा। इस घटना में दो बारातें और एक दर्जन से अधिक वाहन फंस गए, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य बिंदु: सुबह लगभग 8 बजे स्यांसू में भूस्खलन के कारण राजमार्ग बंद हो गया। दो बारातें और कई वाहन साढ़े तीन घंटे तक फंसे रहे। ऑल वेदर रोड परियोजना में लगी एबीसीआई कंपनी की लापरवाही के कारण राहत कार्य में देरी हुई। स्थानीय बीआरओ अधिकारियों की उदासीनता से लोगों में आक्रोश। बिना बारिश के भूस्खलन होने से आगामी चारधाम यात्रा के दौरान चुनौतियों की आशंका। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने चिंता व्यक्त की है कि बारिश के मौसम और चारधाम यात्रा के दौरान इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल स्थायी समाधान की मांग की है।   PLs read:Uttarakhand: द्वाराहाट में पुलिस कांस्टेबल की…