नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से राहत देने के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। 28 अक्टूबर को सामने आई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों का डीए मूल वेतन के 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। पेंशनभोगियों को भी बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिलेगा। हालांकि, बढ़ोतरी की प्रभावी तारीख और भुगतान से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी आदेश का इंतजार करना जरूरी है।
सैलरी और पेंशन पर पड़ेगा असर
महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिया जाने वाला अतिरिक्त भुगतान है। इसका उद्देश्य महंगाई के कारण बढ़ने वाले घरेलू खर्चों के असर को कम करना है। इसी तरह, पेंशनभोगियों को महंगाई राहत दी जाती है। दोनों की गणना संबंधित मूल वेतन या पात्र मूल पेंशन के आधार पर होती है।
डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अर्थ है कि कर्मचारियों को अपने मूल वेतन पर पहले की तुलना में तीन प्रतिशत अंक अधिक भत्ता मिलेगा। इससे मासिक वेतन में वृद्धि होगी। पेंशनभोगियों की महंगाई राहत बढ़ने से उनकी पेंशन में भी इजाफा होगा। वास्तविक अतिरिक्त राशि संबंधित कर्मचारी के मूल वेतन और पेंशनभोगी की पात्र मूल पेंशन पर निर्भर करेगी।
पहले 60 प्रतिशत तक पहुंचा था डीए
केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हुई थी और इसके बाद डीए की दर मूल वेतन का 60 प्रतिशत हो गई थी। अब 3 प्रतिशत की नई बढ़ोतरी के बाद यह दर 63 प्रतिशत होने की जानकारी सामने आई है।
डीए और डीआर में संशोधन आम तौर पर साल में दो बार किया जाता है। इसकी गणना महंगाई से जुड़े उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होती है। संशोधन का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय क्षमता पर महंगाई के प्रभाव को कम करना है।
बकाया राशि पर भी रहेगी नजर
यदि नई दर को पिछली प्रभावी तारीख से लागू किया जाता है, तो पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संबंधित अवधि का बकाया भी मिल सकता है। हालांकि, बकाया भुगतान की अवधि, राशि और वितरण की प्रक्रिया आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। कर्मचारियों की वास्तविक बढ़ी हुई मासिक आय उनके मूल वेतन के अनुसार अलग-अलग होगी। नई दर लागू करने और भुगतान की अंतिम व्यवस्था के लिए संबंधित मंत्रालयों और विभागों के निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।