Delhi: राहुल गांधी ने व्यापारियों का मुद्दा उठाया, दिल्ली में बंद और प्रतिबंधों से कारोबार प्रभावित होने का आरोप – The Hill News

Delhi: राहुल गांधी ने व्यापारियों का मुद्दा उठाया, दिल्ली में बंद और प्रतिबंधों से कारोबार प्रभावित होने का आरोप

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों के प्रति समर्थन जताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों और राजधानी में लगाए गए प्रतिबंधों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेट्रो सेवाओं पर रोक, सड़कों की घेराबंदी और आवागमन में बाधाओं के कारण दिल्ली के बाजारों में कारोबार प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी ने इन परिस्थितियों को वोट चोरी के अपने आरोपों से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है।

राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए आरोप

राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह उनकी परेशानियों और चिंताओं को समझते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में मेट्रो सेवाएं बंद करने और सड़कों को सील करने जैसे कदमों से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।

कांग्रेस नेता ने अपने संदेश में कहा कि कथित वोट चोरी के मुद्दे पर उठ रहे सवालों के बीच लोगों के कारोबार, बचत और बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंताएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए उन्हें अपने आरोपों में ‘आरोपी नंबर चार’ बताया। राहुल गांधी का कहना है कि ऐसा कदम उठाए जाने पर विरोध प्रदर्शन समाप्त हो सकते हैं। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस नेता के राजनीतिक दावे हैं।

व्यापारियों ने रैली स्थगित करने की अपील की

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब व्यापारिक संगठनों ने आगामी रैली के कारण कारोबार पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने शनिवार को राहुल गांधी से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडी गठबंधन की रैली स्थगित करने का अनुरोध किया था।

व्यापारी संगठन का कहना है कि लगातार विरोध प्रदर्शनों, यातायात प्रतिबंधों और बाजारों तक पहुंच में आने वाली बाधाओं के कारण कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। संगठन ने आशंका जताई कि त्योहारों के महत्वपूर्ण खरीदारी सत्र के दौरान रैली आयोजित होने से लगभग 10,000 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हो सकता है।

त्योहारों के मौसम में कारोबार की चिंता

सीटीआई ने अपने पत्र में धनतेरस, दीपावली और भाई दूज के त्योहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन अवसरों पर बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है। संगठन के अनुसार, त्योहारों से करीब एक सप्ताह पहले ही ग्राहक खरीदारी के लिए बाजारों का रुख करने लगते हैं। ऐसे में यातायात प्रतिबंध और प्रदर्शन व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं।

संगठन का दावा है कि दिल्ली में धनतेरस और दीपावली के दौरान सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, सूखे मेवे, मिठाइयां, वाहन और उपहारों से जुड़े कारोबार का कुल मूल्य करीब 25,000 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। व्यापारियों के मुताबिक, इस अवधि में बाजारों में होने वाली बिक्री उनकी सालाना आय के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है।

पहले हुए नुकसान का भी किया जिक्र

सीटीआई के पदाधिकारियों ने दावा किया कि अक्टूबर के दौरान कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में आयोजित रैलियों, विरोध मार्चों और सड़कों पर प्रतिबंधों के कारण व्यापारियों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संगठन ने कहा कि लगातार बाधाओं के चलते बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और सामान्य व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

इस पूरे घटनाक्रम में एक ओर कांग्रेस वोट चोरी के आरोपों और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर व्यापारी संगठन त्योहारों के दौरान कारोबार और आम लोगों की आवाजाही बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक विरोध और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

 

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